युज़वेंद्र चहल की दोनों बहनें हैं शतरंज में नंबर वन, पिता केके चहल ने बोला- ‘बेटा-बेटी एक समान’..!

भारत के बेहतरीन गेंदबाजों में अपनी जगह बनाने वाले युज़वेंद्र चहल इन दिनों वर्ल्ड कप में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। युज़वेंद्र चहल की सफलता के पीछे उनके पिता का हाथ है। युज़वेंद्र चहल के पिता ने बड़े ही लाड़ प्यार से उन्हें पाला पोसा है। इतना ही नहीं, युज़वेंद्र चहल के पिता ने न केवल अपने बेटे को प्यार दिया, बल्कि अपनी बेटियों को भी सराखों पर बिठाया, जिसकी वजह से आज उनकी बेटियां शतरंज की बेहतरीन खिलाड़ियों में से एक हैं। जी हां, युज़वेंद्र चहल के पिता ने अपने बेटे और बेटियों में कभी फर्क नहीं किया, जिसका परिणाम आज उनकी बेटियां भी सफलता के गगन को चूम रही हैं। तो चलिए जानते हैं कि हमारे इस लेख में आपके लिए क्या खास है?

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युज़वेंद्र चहल के पिता केके चहल ने हाल ही में एक इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने अपने तीनों बच्चों के विषय में बताया। इतना ही नहीं, केके चहल ने कहा कि उन्होंने अपने तीनों बच्चों में कभी फर्क नहीं किया। बता दें कि युज़वेंद्र चहल की दो बहनें हैं, जिनका नाम नीलकमल और गीतांजलि है। दोनों बहनें ही युज़वेंद्र चहल से बड़ी हैं, मगर प्यार के मामले में हमेशा पापा की लाड़ली रही हैं। केके चहल ने अपने इंटरव्यू में यह भी बताया कि उन्होंने अपने बच्चों की परवरिश कैसे की।

बेटियों को ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए लिया था कर्ज


केके चहल ने इंटरव्यू में बताया कि जब उनकी बड़ी बेटी नीलकमल पैदा हुई, तब वह पढ़ाई में बहुत अच्छी थी, जिसकी वजह से वह उसे शतरंज का चैंपियन बनाना चाहते थे और बनाया भी। चैंपियन बनाने के लिए उन्होंने नीलकमल को ऑस्ट्रेलिया भेजा, जिसके लिए उन्होंने लोन लिया। केके चहल ने कहा कि वकालत से इतनी आमदनी नहीं थी, जिसकी वजह से उसे ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए लोन लेना पड़ा। इतना ही नहीं, केके चहल को अपनी छोटी बेटी को भी ऑस्ट्रेलिया भेजने के लिए लोन लेना पड़ा। मतलब स्पष्ट है कि बेटियों की तरक्की के लिए उन्होंने खुद को कर्ज में डूबो दिया।

शतरंज चैंपियन हैं युज़वेंद्र चहल की दोनों बहनें


जहां एक ओर नीलकमल नेशनल शतरंज चैंपियन रही हैं, तो वहीं दूसरी तरफ गीतांजलि भी स्टेट लेवल तक खेली और चैपिंयन बनी। अब दोनों ही बहने ऑस्ट्रेलिया में रहती हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। युज़वेंद्र चहल के पिता केके चहल ने आगे बताया कि वे युज़वेंद्र चहल को भी शतरंज का खिलाड़ी ही बनाना चाहते थे, मगर उसे क्रिकेट में दिलस्पी रही, जिसकी वजह से मैंने उसके लिए अपने खेत में पिच बनवाया, जहां वह प्रैक्ट्रिस करता था।

बहनों से ज्यादा प्यार करते हैं पापा


केके चहल ने आगे बताया कि युज़वेंद्र चहल ज्यादातर उनसे कहता है कि आप बहनों से ज्यादा प्यार करते हैं और सिर्फ मुझे ही डांटते हो। इस बात को साफ करते हुए केके चहल ने आगे कहा कि उनकी बेटियों ने कभी डांटने का अवसर नहीं दिया, लेकिन युज़वेंद्र चहल की प्रैक्ट्रिस, पढ़ाई और खेल को लेकर उनका व्यवहार हमेशा सख्त रहा, जिसकी वजह से उसे लगता है कि मैं उससे ज्यादा उसकी बहनों से प्यार करता हूं, मगर सच तो यह है कि मेरे लिए तीनों बच्चे एक समान है।