कभी सड़क पर ‘सैंडविच’ बेच कर करता था गुज़ारा, आज है बॉलीवुड का चमकता हुआ सितारा..!

बॉलीवुड में प्रतिदिन नए कलाकारों की एंट्री होती है लेकिन शुरू से ही बॉलीवुड में एक से बढ़कर एक कलाकार आए मगर कोई दिलीप कुमार की तरह ना बन सका। जी हां दिलीप कुमार बॉलीवुड के एक महान अभिनेता जिन्होंने बॉलीवुड को ऐसी ऐसी फिल्में दी जो देश में ही नहीं बल्कि विदेशों में भी बहुत फेमस हुई। दिलीप कुमार का असली नाम युसूफ खान है, बॉलीवुड मैं उनकी अदाकारी और अंदाज के कारण उनको नाम दिया गया दिलीप कुमार। आज हम आपको बताएंगे दिलीप कुमार के बारे में जो महान अभिनेता बनने से पहले बेचा करते थे सैंडविच और किया करते थे अपना गुजारा। साल 1922 11 दिसंबर को जन्मे दिलीप कुमार का जन्म पेशावर के एक गरीब घर में हुआ था। बहुत ही कठिन जीवन जीने के बाद उन्होंने इस कामयाबी को पाया था। चलिए जानते हैं उनके बारे में कुछ बातें-

गरीब परिवार में हुआ था जन्म

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दिलीप कुमार एक गरीब परिवार में जन्मे थे उनके पिता परिवार का गुजारा करने के लिए फल बेचते थे। पेशावर में परिवार का गुजारा नहीं चल पा रहा था जिसकी वजह से वह मुंबई आकर बस गए और वहां पर दिलीप कुमार ने भी अपने पिता के साथ फल बेचना प्रारंभ कर दिया। बाद में दिलीप कुमार अपने पिता से मतभेद के चलते पुणे चले आए और सैंडविच बेचना शुरू कर दिया।

नहीं मिली सफलता


पुणे में रहकर सैंडविच बेचने से उनका गुजारा नहीं हो पा रहा था और वह वापस मुंबई चले गए जहां पर उनके परिवार की स्थिति पहले से भी अधिक खराब हो चुकी थी। अपने परिवार की स्थिति देखकर वह और भी दुखी हुए और नौकरी के लिए निकल पड़े। नौकरी की तलाश में घूमते फिरते उनकी मुलाकात मुंबई टॉकीज की मालकिन देविका रानी से हुई।

खूबसूरत चेहरे को देखकर हुई फिदा


देविका रानी ने उनके खूबसूरत चेहरे को देख कर उनको काफी सराहा और उन्हें सलाह दी कि उन्हें बॉलीवुड के फिल्मों में काम करना चाहिए जिसके लिए दिलीप कुमार ने दिन रात मेहनत की और कड़ी मेहनत के पश्चात उन्हें फिल्म ज्वार भाटा में काम करने का मौका मिला। बदकिस्मती से वह फिल्म बड़े पर्दे पर कुछ कमाल नहीं दिखा पाई।

नहीं हुए हताश


भले ही उनकी पहली फिल्म नई कुछ कमाल नहीं दिखाया मगर वह अपनी जिंदगी में हताश नहीं हुए उन्होंने कोशिश करनी नहीं छोड़ी। अपनी कड़ी मेहनत और लगन से फिल्म अंदाज के जरिए उन्होंने प्रशंसकों के दिलों में अपनी एक अलग पहचान बना ली। और धीरे-धीरे बॉलीवुड के बड़े पर्दे पर छा गए। अपने बॉलीवुड करियर में कोहिनूर, देवदास, दीदार, मुग़ल-ए-आज़म जैसी कई फिल्मो में लीड रोल निभा कर अपनी एक्टिंग से अपने आप को बॉलीवुड का महान अभिनेता बना लिया।

सायरा से की शादी

निजी जीवन में भी वह किसी अभिनेता से कम नहीं निकले उन्होंने 44 वर्ष की उम्र में 22 साल की सायरा बानो से शादी की थी। साल 1966 में उन दोनों की शादी के बाद बॉलीवुड में उनके नाम की बहुत चर्चा होने लगी। उनकी एक्टिंग के लिए भी उन्हें बहुत से अवार्ड से नवाजा गया। फिल्मी करियर के अतिरिक्त उन्होंने राजनीतिक करियर में भी बखूबी भूमिका निभाई और राज्यसभा के सदस्य भी बने।उनके दर्शकों और प्रशंसक उनकी बहुत इज्जत और सम्मान करते हैं उनके जैसा अभिनेता ना तो आज तक हुआ है और ना ही शायद कभी होगा।