12 साल की आयु में लिख डाली 135 किताबें, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीवनी भी है शामिल.!

हर इंसान मशहूर होना चाहता है बस किसी को समय पर पहचान मिल जाती है, किसी को समय लगता है और किसी को कभी नहीं मिल पाती। लेकिन कुछ लोग खास होते हैं और बचपन से ही उनमें वो बात होती है जिसके आधार पर वे लोकप्रियता प्राप्त करते हैं। ऐसे लोगों को गॉडगिफ्टेड कहते हैं जो बचपन से ही अपनी कला का प्रदर्शन करके सबको बता देते हैं कि वे क्या बनना चाहते हैं। केवल 12 साल की उम्र में लिख डाली 135 किताबें, हर तरफ हो रही है इस बच्चे की तारीफ।
loading...
उत्तर प्रदेश में केवल 12 साल की उम्र में मृगेंद्र राज नाम के इस बच्चे ने धर्म और जीवनी जैसे कई विषयों पर अब तक कुल 35 किताबें लिख दी हैं। इसमें राज्य के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जीवनी भी शामिल है और इसपर मृगेंद्र राज ने कहा है कि उन्होंने 6 वर्ष की उम्र से किताबें लिखना शुरु कर दिया था। उनकी पहली किताब कविताओं का एक संकलन थी। वे लेखक के तौर पर आज का अभिमन्यु नाम का उपयोग करते हैं और उनके नाम से कुल चार वर्ल्ड रिकॉर्ड दर्ज हो चुके हैं। मृगेंद्र ने कहा, ”मैंने रामायण के 51 किरदारों का विश्लेशण करते हुए किताब लिखी है तथा हर किताब में करीब 25 से 100 पन्ने हैं।
मुझे यहां तक की लंदन स्थित वर्ल्ड यूनिवर्सिटी ऑफ रिकॉर्ड्स से डॉक्टरेट का ऑफर भी मिला है।” सुल्तानपुर स्थित एक निजी स्कूल में मृगेंद्र की मां पढ़ाती हैं और उन्होंने कहा कि उनका लड़का बचपन में ही पढ़ने में रुचि दिखाने लगा था। ये सब देखकर उन्होंने बेटे को आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया था। मृगेंद्र के पिता राज्य के चीनी उद्योग व गन्ना विभाग में कार्य करते हैं। माता-पिता दोनों ही बेहतर जगह काम करते हैं इस वजह से मृगेंद्र का मन पढ़ने में लगा और आज उनका नाम ना केवल भारत में फेमस है बल्कि वे देश के कई हिस्सों में पहचाने जाने लगे हैं।
जो बच्चे गॉडगिफ्टेड होते है वे हमेशा से ही कुछ ना कुछ ऐसा करते हैं कि बस सबको लग जाता है कि हो ना हो ये कुछ ऐसा तो करेगा ही जिससे देश तथा माता-पिता को उनपर नाज हो। मृगेंद्र कोई किताब लिखने से पहले उसपर रिसर्च करते हैं और फिर लोगों के सामने अपने लिखने का नमूना पेष करते हैं। ये भी अपने आप में बहुत ही अलग और सही बात है जिसमें खुद के काम में लगन लगाकर लोगों को अपना कायल बना रहे हैं।