मुंबई के डोंगरी में इमारत गिरी, अभी तक 12 लोगों की हुई मौत, पीएम मोदी ने जताई दुःख..!

आपको बता दे दक्षिण मुंबई के डोंगरी इलाके में मंगलवार को एक चार मंजिला आवासीय इमारत गिरने से अब तक 12 लोगों की मौत हो गई जबकि पांच लोग अभी घायल हैं। मलबे में अभी कई लोगों के फंसे होने की आशंका बताई जा रही है। मलबे में दबे लोगों में से अभी तक एक मासूम समेत पांच लोगों को सुरक्षित बाहर भी निकाला है। आवास मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने यह भी कहा है कि इस हादसे में अब तक 12 लोगों की मौत हो गई है। बहुत संख्या में स्थानीय लोग बचाव में लगे हुए हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जताया शोक
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वहीं, इस दर्दनाक हादसे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी शोक जताया है। बता दे प्रधानमंत्री ने यह भी कहा, 'मुंबई के डोंगरी में इमारत गिरना व्यथित कर देने वाली घटना है। मेरी संवेदनाएं मृतकों के परिवारों के साथ हैं। घयलों के जल्द से स्वस्थ होने की कामना करता हूं।' प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से किए गए एक ट्वीट में यह भी लिखा है, 'राज्य सरकार और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) और स्थानीय इकाइयां बचाव कार्य में जुटी हुई हैं और जरूरतमंदों की मदद कर रही हैं।'


शाह ने भी जताया दुख
आपको बता दे दूसरी ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी इस घटना पर दुख जताया है। शाह ने भी कहा, 'मेरी संवेदनाएं पीड़ित परिवारों और घायलों के साथ हैं। बचाव कार्य पूरे जोर के साथ चलाया जा रहा है। बता दे राज्य सरकार, एनडीआरएफ और स्थानीय संगठन जरूरतमंदों की मदद कर रहे हैं।' बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) के आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के एक अधिकारी ने यह भी बताया कि प्रारंभिक सूचना के अनुसार डोंगरी में टंडेल मार्ग पर स्थित भूतल के अतिरिक्त चार मंजिल वाली इस ‘केशरबाई बिल्डिंग’ का एक बड़ा हिस्सा सुबह करीब 11 बजकर 40 मिनट पर गिरा। पुलिस ने यह बताया कि हादसे में अभी तक 12 लोगों की मौत हो चुकी है और पांच अन्य घायल हुए हैं। बेहद घनी आबादी और संकरी सड़कों वाले इलाके में स्थित इस इमारत में ज्यादा लोग रह रहे थे। इसके मलबे में कई लोगों के फंसे होने की आशंका है।
बता दे दमकल विभाग, मुंबई पुलिस और निकाय अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं लेकिन संकरी सड़कों के वजह से राहत एवं बचाव कार्य में दिक्कतें आ रही हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी बचाव कार्य में जुटे हैं और मलबा हटाने में मदद कर रहे हैं। आपको बता दे एम्बुलेंस मौके पर नहीं पहुंच पा रही है, उसे 50 मीटर की दूरी पर खड़ा करना पड़ा है। इस इमारत का मालिकाना हक महाराष्ट्र आवास एवं विकास प्राधिकरण के पास है। संस्था के अधिकारी मौके पर पहुंच गए हैं।
बचाव कार्य में मदद के लिए राष्ट्रीय आपदा मोचन बल की टीमें भी मौके पर वहाँ पहुंच गई हैं। 499 इमारतें असुरक्षित एक मीडिया रिपोर्ट के अनुसार बीएमसी ने मुंबई की 499 इमारतों को असुरक्षित घोषित कर दिया है। बता दे मानसून के दौरान 500 इमारतें ऐसी हैं जिनपर खतरा मंडरा रहा है। बीएमसी के लिए सिरदर्द बनीं इन इमारतों में रहने वाले कई लोग भी इन्हें खाली नहीं करना चाहते हैं। बता दे इस मामले में मुंबई का अंधेरी-जोगेश्वरी (वेस्ट) सबसे आगे है। जहां की 51 इमारतें असुरक्षित हैं। इसके बाद 38 इमारतों के साथ विरे परेल दूसरे स्थान पर है जिन्हें इस साल सी1 श्रेणी में रखा गया है। बीते साल बीएमसी ने 619 इमारतों को खतरनाक बताया था। हालांकि इस साल ये संख्या 19 फीसदी तक कम है।