15 लाख के इस जलीय जीव के साथ पकड़ा गया तस्कर, इससे बने एक लीटर तेल की कीमत है 10 हजार रुपये..!

अंतरराष्ट्रीय मार्केट में जलीय जीव कछुए की डिमांड बढ़ने से एक बार फिर से तस्करों ने इस जीव का शिकार करना प्रारंभ कर दिया है। बड़े पैमाने पर कछुओं की तस्करी की जा रही है। जिसका खुलासा रविवार को कौशांबी पुलिस ने करते हुए 32 कछुओं के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। जिसने पूछताछ में कई बड़े खुलासे किए और अपने पूरा नेटवर्क की जानकारी दी है।

15 लाख के कछुए

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पुलिस के अनुसार कछुओं को तस्कर पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है तथा फिर वहां से समुद्री मार्ग द्वारा यह विदेश भेजे जाते है। कछुओं से सेक्स वर्धक दवाएं व पौरुष क्षमता के लिए उच्चकोटि की दवाएं बनाई जाती हैं। तस्कर के पास से मिले कछुओं की कीमत 15 लाख से ज्यादा की कीमत केवल भारतीय मार्केट में है, जबकि अंतररष्ट्रीय स्तर पर इसकी कीमत लगभग दोगनी हो जाएगी।

इस तरह पकड़ में आया

कौशांबी के कड़ा इलाके में कछुओं की तस्करी की खबर पिछले कई दिनों से चर्चा में थी। हालांकि तस्करों के नेटवर्क ने स्थानीय सफेदपोशों से मिलीभगत कर इस गोरखधंधे को आगे बढ़ाने का क्रम शुरू था। रविवार को मुखबिर से सूचना मिली की एक नांव से तस्कर कर कछुओं को ले जाया जा रहा है। पुलिस ने नदी में ही घेराबंदी शुरू की और तस्कर को नाव सहित दबोच लिया। उसके पास से कुल 32 कछुआ बरामद हुए। इनमें 14 की सिर्फ इसलिये मृत्यु हो गयी, क्योंकि उन्हें बहुत देर से पॉलीथीन में बंद करके रखा गया था। अपर पुलिस अधीक्षक ने पूछताछ के बाद चिकित्सक से मृत कछुओं का पोस्टमॉर्टम कराया। पकड़ा गया तस्कर शिवा पासवान पानी टंकी पावर हाउस सिराथू सैनी का रहने वाला है। बरामद कछुओं को सुरक्षित रखने के लिए घाट किनारे गड्ढा खुदवाकर पानी डलवाया गया है।

पूंछ की कीमत सबसे अधिक

पुलिस की पूछताछ में पता चला कि तस्करी के लिए यह गैंग निरन्तर अपना स्थान व रूट दोनों बदलता रहता है और इसमें स्थानीय पुलिस के भ्रष्ट लोग भी पैसा लेकर इनका साथ देते हैं। यह लोग कछुओं को पकड़ने के बाद उसे थर्माकॉल के बड़े बॉक्स में बर्फ के बीच रखते हैं। कछुआ जिस पूंछ के सहारे तैरता है, उसे तस्करों की भाषा में टखनी बोला जाता है और इसकी कीमत सबसे ज्यादा है। कछुए से बनाया गया तेल 10 हजार रुपये लीटर बिकता है और गंगा में बड़े पैमाने पर तस्करों को कछुए मिल जाते हैं। फिलहाल पुलिस अब गैंग के नेटवर्क की तलाश में अपना जाल बिछा रही है।