बेटे-बहू को कोर्ट ने सुनाई 2 वर्ष की सजा, मां बोली- माता-पिता को बोझ समझने वालों को मिलेगी सजा..!

हैदराबाद में एक बेटे-बहू को अदालत ने 2 वर्ष की कैद की सजा सुनाई है। बेटा अमित कुमार और उसकी पत्नी सविता ने बुजुर्ग मां का घर में जीना मुहाल कर दिया था। दोनों अक्सर मां प्रेमा कुमारी के साथ मारपीट करते और उन्हें जान से मारने की धमकी देते थे। मां उनके अत्याचार को बहुत समय से सहन कर रही थी, लेकिन एक दिन तब उनके सब्र का बांध टूट गया, जब उन्हें पता चला कि बेटे ने फर्जी तरीके से मकान को अपने नाम लिखा लिया है।

पति की मौत के बाद शुरू हुआ खेल
loading...
70 साल की प्रेमा कुमारी के दो बेटे और एक बेटी है। तीनों बच्चों की शादी होते ही सब अलग-अलग हो गए। घर में बुजुर्ग मां-बाप बच गए थे, मगर साल 2013 में परिवार के मुखिया और प्रेमा के पति अमरुद्ध कुमार की मौत हो गई। बस तभी से मकान पर बड़े बेटे अमित कुमार ने बुरी नजर गड़ा दी। वो पहले मां की सेवा करने के नाम पर घर में आकर रहने लगा, फिर उन्होंने धीरे से पिता के नाम से मकान अपने नाम ट्रांसफर करा लिया। इस बात की भनक प्रेमा कुमारी को बिल्कुल भी नहीं लगी।

मकान अपने नाम होने के बाद...
मकान अपने नाम लिखाने के पश्चात बेटा अमित और बहू सविता किसी भी हाल में मां को घर से निकालने की साजिश रचने लगे, मगर मां ने घर छोड़कर जाने से इनकार कर दिया। लिहाजा कलयुगी बेटे और बहू ने मां पर अत्याचार करना शुरू कर दिए। प्रेमा कुमारी के मुताबिक, 'बहू गालियां देती थी और कुछ बोलने पर बेटा मारता था।' अत्याचार को अपनी किस्मत समझकर मां चुपचाप सहती रही। उन्होंने इस बात की शिकायत छोटे बेटे या बेटी से भी नहीं की, मगर 2015 में राजस्व विभाग के कुछ लोग घर पर आए, तो मां को पता चला कि मकान बड़े बेटे ने अपने नाम लिखा लिया है। जबकि नियम के मुताबिक पिता की मौत के बाद मकान मां के नाम ट्रांसफर होना चाहिए था। अब बात सिर के ऊपर जा चुकी थी।

फिर दर्ज हुआ केस
मां प्रेमा कुमारी ने इस बात की जानकारी छोटे बेटे को दी और फिर उन्होंने नारेदमेट पुलिस थाने में अपने बड़े बेटे और बहू के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बेटे अमित कुमार तथा बहू सविता के खिलाफ मां प्रेमा कुमारी को बंधक बनाने, अपमानित करने, जान से मारने की धमकी देने और फर्जी दस्तावेज तैयार करने के आरोप में केस दर्ज कर लिया।मामला मलकाजगिरी कोर्ट में चला और अदालत में कलयुगी बेटे-बहू की करतूत सिद्ध हो गई। अदालत ने बेटे अमित कुमार और बहू सबिता को 2 साल की कैद और 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत के फैसले के बाद बुजुर्ग मां का कहना है कि 'इससे उन बच्चों को सबक मिलेगा, जो अपने माता-पिता को बोझ समझकर उन्हें दूध से मक्खी की तरह निकाल फेंकना चाहते हैं।'