पत्नी और बच्चे की मृत्यु के बाद इस व्यक्ति ने लगाए 40 हजार पौधे, बन गया ‘वृक्ष पुरुष’..!

आज के वक्त में पेड़ लगाना सबसे अच्छा काम होता है और इसके लिए हर किसी को प्रेरित करना चाहिए। आज के समय में वायु प्रदूषण इतना होने लगा है कि लोगों का सांस लेना मुश्किल हो गया है और लोगों में इसकी कोई जागरुकता नहीं है। मगर एक ऐसा आदमी जिसने अपने परिवार के समाप्त होने के बाद हजारों पेड़ लगाकर एक नया परिवार बना लिया है। उसने अकेले दम पर कुछ अच्छा काम किया है और लोग उनके इस काम को सराह रहे हैं। पत्नी और बच्चे की मौत के पश्चात इस आदमी ने लगाए 40 हजार पौधे, इस तरह बना दिया हरा-भरा जंगल।

पत्नी और बच्चे की मौत के बाद इस साधु ने लगाए 40 हजार पौधे
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कौन कहता है कि आसमान में सुराख नहीं होता, एक पत्थर तो तबियत से उछाल कर देखो…..ये कहावत चित्रकूट की कर्वी तहसील के भारतपुर गांव में रहने वाले भैयाराम यादव ने सिद्ध कर दिया है। उन्होंने अकेले 40 हजार पौधे लगाकर आज हरा-भरा जंगल बना दिया है। भैयाराम यादव के माता-पिता ने उन्हें बचपन में पेडो़ं से दोस्ती करना सीखा दिया था और फिर उनका ये जुनून बढ़ता चला गया और फिर एक दुर्घटना में उनकी पत्नी और बेटे का भी देहांत हो गया। ऐसे में वे बहुत अकेले हो गए और पौधे लगाना शुरु कर दिया। पत्नी और बेटे को खो देने के बाद भैया राम के जीवन में केवल एक ही मकसद था और वो कि उन्हें पेड़ लगाकर अपने परिवार की तरह उसे पालना पोषना है।
भैयाराम के जज्बे और कड़ी मेहनत का ये परिणाम आया कि उसने 40 हजार पेड़ों को लगाकर हरा-भरा जंगल बना दिया। भैयाराम इन पेड़ों को अपनी संतान से भी अधिक मोहब्बत करता है। आपको बता दें कि भैयाराम की शादी चुन्नी देवी से हुई थी और उनकी एक संतान भी हुई थी। कुछ ही दिनों बाद उनकी पत्नी की मृत्यु हो गई और दो वर्ष बाद बेटे की मृत्यु भी हो गई थी। बेटे की मृत्यु के बाद भैयाराम ने संसारिक मोह-माया छोड़ दिया।
भैयाराम ने अपना जीवन प्राकृति और पर्यावरण को सही करने में लगाने का निर्णय किया है और वे दिन रात इस जंगल को घना करने में लगे रहते हैं। पेड़ों में पानी देने में भैयाराम को बहुत मेहनत लगती है और वे दूरदराज से घड़ों में पानी को कंधों पर ढोकर पेड़ों की सिंचाई करते हैं और ये काम वे सही वक्त पर करते हैं। भैयाराम द्वारा तैयार किए हुए कानून ही इस जंगल में चलता है और जो भी वृक्षों को नुकसान पहुंचाता है तो उसे दंडित किया जाता है।

इस तरह बन गए वृक्ष पुरुष
भैयाराम के इस जंगल में आंवला, इमली, सागौन, बांस और पीपल सहित दर्जनों प्रजाति के पेड़ लगे हुए हैं। इनका सपना है कि जब वे जिंदा रहे पेड़ों की सेवा करते रहे और इनकी संख्या बढा़ना इनका मकसद है। 40 हजार पेड़ों के पिता बने भैया पुरुष को अब लोग वृक्ष पुरुष कहते हैं। इनकी प्रशंशा प्रियंगा गांधी ने भी किया है, उन्होने कहा, ‘चित्रकूट में सूखी, ऊबड़-खाबड़ जमीन पर 40,000 पेड़ों का जंगल खड़ा करने वाले को ‘वृक्ष पुरुष’ कहना गलत नहीं होगा। भैयाराम यादव ने ये साबित कर दिया कि जीवन में कुछ भी किया जा सकता है। उम्मीद है आपकी संतानों की प्यास बुझाने के लिए एक हैंडपम्प जल्दी लगेगा।’