6 साल के बच्चे ने महिला को बताया अपनी बीबी, आधी रात को गाँव में मचाई हलचल..!

दोस्तों यह दुनिया बहुत बड़ी है जो बहुत ही अलग-अलग विविधताओं से भरी है यहां कब क्या होता है किसी को भी पता ही नहीं चलता है तो बस खबरों से। खबरों में भी कभी-कभी बड़ी खबर सामने आती है कि सुनकर ही हैरानी होती है। आज हम आपके सामने एक ऐसी ही अटपटी सी घटना लेकर आए हैं जिसे सुनकर आप भी आश्चर्य में पड़ जाएंगे। बता दे जब आपको पता चलेगा कि आधी रात के समय एक 6 साल का बच्चा एक दरवाजा खटखटाता है और दरवाजा एक महिला द्वारा खोला जाता है। तो जब वह उस महिला को कहता है दरवाजा खोलो मैं तुम्हारा पति हूं। तो यह बात सुनकर महिला आश्चर्य में पड़ जाती है और सोचने लगती है कि यह बच्चा क्या कह रहा है। जी हां णता दे वह 6 साल का बच्चा उस महिला के पति होने का दावा करता है और उसे यह भी कहता है कि वह उसका पति है। आइए बताते हैं पूरी घटना-

ये है पूरा मामला
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एक 6 साल का बच्चा जो वर्ष 2006 से पहले की बातें याद कर रहा है और अपने पुनर्जन्म से जुड़ी हुई बहुत सी ऐसी बातें भी बता रहा है जिसने वहां के सभी लोगों को हैरान और अचंभित कर दिया है। आपको बता दे वह 6 वर्ष का बच्चा अपने पुनर्जन्म की बातें बता कर वहां का एक व्यक्ति होने का दावा करता है। इस बात से आसपास के सभी क्षेत्रों में चौका देने वाला माहौल बना हुआ है। जबकि यह पूरी घटना जींद के गांव जलालपुर की है जहां पर एक 4 साल के बच्चे ने अपने पुनर्जन्म की सारी बातें अपने घर वालों को बता कर अचंभे में डाल दिया है।
आपको बता दे यह 4 वर्ष पहले बच्चा विनोद और मसिंद के घर पैदा हुआ। वह उस बच्चे के जन्म से बहुत ही खुश थी और उसका नाम रखा लविश। बता दे उसके माता पिता का कहना है कि जब वह ढाई साल का था तभी से रामराई जाने की जिद किया करता था। उसके माता-पिता को शक हुआ कि उसे पुनर्जन्म की बातें याद आ रही है। इसलिए वह रामराय जाने की जिद करता है।

करंट लगने से हुई थी मृत्यु
जबकि लविश के माता-पिता ने बिल्कुल भी देर नहीं की और उसे राम राई गांव लेकर गए वहां जाकर उसने अपने परिवार जनों को ही नहीं बल्कि अपने पड़ोसियों तक को पहचान लिया। इतना ही नहीं वह अपने परिवार जनों के साथ उस जगह पर भी गया जहां पर उसकी करंट लगने के कारण से मृत्यु हो गई थी। बता दे यह सब देखने के बाद ही उसकी 32 साल की पूर्व जन्म की पत्नी फूट फूट कर रोने लगी। उसने अपने ही पुनर्जन्म की सारी बातें उन लोगों को बतायी।
आपको बता दे ज्योति स्वरूप का पूरा परिवार रामराई में रहता था उनका बेटा था उसका नाम संदीप था। जिसकी मृत्यु 26 जुलाई 2004 को करंट लगने के कारण हो गई थी। जबकि उस समय वह 14 वर्ष का था और 11वीं कक्षा में पढ़ता था उस समय उसकी मौत हुई। उस समय के तस्वीर लविश को दिखाई गई और उसने यह भी कहा की यह तो मेरी पुनर्जन्म की तस्वीर है। बता दे पुनर्जन्म की कहानियां पर विश्वास क्यों नहीं होता है मगर ऐसी घटनाएं देखकर पुनर्जन्म की कहानी पर विश्वास करने का मन करता है।