जिस बेटे की परवरिश में नहीं छोड़ी कोई भी कमी, उसने पत्नी के साथ मिलकर बुजुर्ग मां-बाप के साथ की ऐसी हरकत..!

हर मां-बाप का सपना होता है कि उनके बच्चे बुढ़ापे में उनकी देखभाल करें और उनके हर दुख-सुख का ध्यान रखें। इसी उम्मीद में वह अपनी हर खुशी को अपने बच्चों पर कुर्बान कर देते हैं। उनकी खुशियों में जरा सी भी कमी आने पर मां-बाप को बहुत तकलीफ होती है। ऐसे में कई बार मां-बाप की उम्मीदें तब धूमिल हो जाती है जब उनके बच्चे बुढ़ापे में ना सिर्फ उनकी देखभाल की जिम्मेदारियां निभाने से मुंह मोड़ लेते हैं बल्कि कई बार उनपर जुल्म भी करते हैं। ऐसा ही एक मामला गाजियाबाद से सामने आया है। जहां एक बुजुर्ग मां-बाप के उनके अपने बेटे और बहू ने ऐसी यातनाएं दी कि उन्हें अपनी सहायता के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेना पड़ा। उसके बाद जिला प्रशासन ने उस बुजुर्ग दंपति की मदद की जिसे उसी के जिगर के टुकड़े ने उतनी ही तकलीफ दीं जितनी उसके मां-बाप ने बचपन में उसे खुशियां दीं।
दरअसल, गाजियाबाद के रहने वाले 68 वर्ष के इंद्रजीत ग्रोवर और उनकी पत्नी ने एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया। जिसमें उन्होंने जिला प्रशासन से अपनी मदद की गुहार लगाई। उन्होंने इस वीडियो में बताया कि उनका इकलौता बेटा और बहू उन्हें बहुत तंग करते हैं। उनकी एक बेटी भी है जिसकी शादी हो चुकी है। बेटा और बहू उन्हें हर रोज घर से बाहर रहने के लिए मजबूर करते हैं।

इंद्रजीत के मुताबिक, उस घर को उन्होंने अपनी मेहनत की कमाई से खरीदा था, मगर बुढ़ापे में उनका बेटा उस घर से उन्हें बेदखल करना चाहता है। कई बार उसकी बहू और वह उनके साथ गाली-गलौज तक करते हैं। उनपर झूठे आरोप लगाते हैं। जिससे बूढ़े मां-बाप या तो घर छोड़कर चले जाएं या फिर खुदकुशी कर लें।
बता दें कि इंद्रजीत हार्ट अटैक की समस्या से पीड़ित हैं और उनकी पत्नी के घुटनों का ट्रांसप्लान हुआ है। साथ ही वह गठिया की बीमारी से ग्रसित हैं। इंद्रजीत का कहना है कि उनका बेटा और बहू उन्हें इसलिए रोजाना तंग करते हैं जिससे हम घर खाली कर चले जाएं और वो वहां आराम से रह सकें। बुजुर्ग इंद्रजीत का कहना है कि उनके बेटा और बहू को इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता कि वह मरें या जिएं।

इंद्रजीत का कहना है कि इसी के कारण उन्होंने जिलाधिकारी से मदद की गुहार लगाई और बेटे की शिकायत की। उन्होंने कहा कि हमने जिला प्रशासन से कहा कि हमें हमारे लालची बच्चों से बचाएं और उस घर में रहने में हमारी सहायता करे जो हमारा है। इस वीडियो के सोशल मीडिया में आने के बाद जिला प्रशासन ने बुजुर्ग दंपति की मदद की।

गाजियाबाद के जिलाधिकारी ने एक ट्वीट कर जानकारी दी कि मामले की जांच के पश्चात सुलझा लिया गया है। जिलाधिकारी के मुताबिक ये एक पारिवारिक झगड़ा था। जिला प्रशासन के मुताबिक, बेटे और बहू को 10 दिनों के अंदर मां-बाप का घर खाली करने और अपने लिए कहीं और रहने का इंतजाम करने के लिए कहा गया है। जिला प्रशासन के मुताबिक, बेटे से एक लिखित समझौते पर हस्ताक्षर कराए गए हैं कि वह घर खाली कर देगा।