‘मैं फ़ोटो कॉपी करवाने निकली थी, क्या पता था दो माह तक बलात्कार होता रहेगा’..!

राजस्थान का एक जिला है धौलपुर। इस जिले में एक थाना है जिसका नाम है कंचनपुर। इस इलाके में 18 वर्ष और 16 साल की दो बहनों के साथ रेप का मामला सामने आया है। इन दोनों बहनों के साथ लगातार दो महीनों तक रेप होता रहा। जब एक लड़की भागकर अपने घर पहुंची और घरवालों को पूरी बात बताई तो मामले का खुलासा हुआ। उनसे जो बताया, वो दिल दहला देने वाला है। पढ़िए उसने क्या कहा है-
loading...
मेरी उम्र 16 साल है। राजस्थान के एक छोटे से ज़िले में मेरा घर है। घर पर मां, पापा, और मेरी बड़ी बहन रहते थे। बहन की उम्र 18 वर्ष है। ज़्यादा कुछ है नहीं हमारे पास। पापा किसान हैं। खेती-मज़दूरी करके घर चलाते हैं। मां भी उनकी खेती में मदद करती हैं। मैं स्कूल जाती हूं। बड़ी बहन ने पढ़ाई छोड़ दी है। 10 जुलाई को मैं करीब दो महीनों बाद अपने मां-पापा से मिल पाई। आख़िरी बार मैंने उन्हें 24 अप्रैल को देखा था।

उस दिन मैं और मेरी बहन घर से निकले। हम बाड़ी गांव जा रहे थे। मेरी बहन को घर का कुछ सामान लेना था। मुझे फ़ोटो कॉपी करवानी थी। हम कुछ दूर ही निकले थे। वहां एक काले रंग की बोलेरो गाड़ी खड़ी थी। उसमें रामधन गुर्जर बैठा था। कुछ लोगों के साथ। उसने कहा कि वो हमें बाड़ी छोड़ देगा। हम दोनों उसकी गाड़ी में बैठ गए। लेकिन वो हमें बाड़ी लेकर नहीं गया, कहीं और ले गया। वहां उसने हमें ज़बरदस्ती गाड़ी से उतारा। हमें जबरन शराब पिलाई। हमारे हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। फिर हमारा बारी-बारी रेप किया।
उसने हमारे मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि हम चिल्ला न पाएं। रामधन ने मुझे और मेरी बहन को अलग-अलग जगह रखा। दो महीनों तक वो हमारा रेप करता रहा। मैंने अपनी बहन को दो महीनों से नहीं देखा है। एक दिन उसने अधिक शराब पी ली। शराब के नशे में वो बेहोश हो गया। उसे बेहोश देख मैंने अपने हाथों और पैरों की रस्सियां ढ़ीली कर लीं। ख़ुद को छुड़ाया और वहां से भाग गई। रामधन वहीं बेहोश पड़ा था। मुझे मेरी बहन वहां नहीं दिखी। 10 जुलाई को मैं अपने घर पहुंची। वहां पहुंचकर मैंने अपने मां-पापा को आपबीती बताई। घरवालों ने बताया कि जब हम बहनें घर वापस नहीं आई थीं, तो वो कंचनपुर थाने गए थे। शिकायत लिखवाने। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं लिखी। बिना कारवाई किए उन्हें वापस भेज दिया। अगर उस समय पुलिस ने उनकी शिकायत लिख ली होती, तो हमें दो महीनों तक ये सब झेलना नहीं पड़ता।
वापस आने के बाद एक बार फिर से हम पुलिस थाने पहुंचे। अब पुलिस ने अपहरण और रेप की शिकायत दर्ज कर ली है। मुझे पुलिस मेडिकल बोर्ड के पास ले गई। मेरा मेडिकल टेस्ट हुआ। डॉक्टर कल्पना मित्तल ने किया। पुलिस ने कहा है कि वो मेरी बहन को खोजने की कोशिश कर रहे हैं। मेरा केस पुलिस उपाधीक्षक बासुदेव सिंह देख रहे हैं। ये दो महीने मेरे लिए काफी बुरे थे। मैं चाहती हूं रामधन को सज़ा हो। और मेरी बहन मिल जाए। जो इन दोनों बहनों के साथ हुआ, वो डराने वाला है। आजतक से जुड़े पत्रकार उमेश मिश्रा ने कंचनपुर थाने के एसएचओ हरी सिंह से बात की।
‘पीड़िता ने अपने परिजनों के साथ थाने पर हाजिर होकर एक रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट दर्ज कर पीड़िता का मेडिकल करवाकर जांच प्रारंभ कर दी गई है।’‘कंचनपुर पुलिस एक 16 साल की लड़की की रेप की जांच करवाने आए थे। जांच कर ली गई है और सैम्पल भरतपुर भेज दिए गए हैं।’ पुलिस अब हरकत में आई है। केस दर्ज कर मामले की जांच करने की बात कह रही है। परन्तु अगर इसी पुलिस ने दो महीने पहले ही फुर्ती दिखाई होती, यही पुलिस अगर लड़की के घरवालों के कहने पर जांच शुरू कर देती तो अब तक दोनों बहनें अपने घर पर होतीं। उन्हें रेप की बर्बरता का शिकार नहीं होना पड़ता और रामधन गुर्जर भी जेल में होता।