खुदाई करते वक्त मिले पानी में तैरने वाले पत्थर, घर पर उमड़ रहा है आस्था का सैलाब..!

हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले की नगर परिषद ज्वालामुखी के निवासी अशोक कुमार की भूमि में एक घड़े में दो पत्थर मिले। दावा किया जा रहा है कि यह पत्थर पानी में तैर रहे हैं। अशोक कुमार ने इन पत्थरों को अब अपने पूजा स्थल पर पानी से भरे बर्तन में रखा है, जिसे देखने के लिए बहुत लोग पहुंच रहे हैं। जानकारी के अनुसार नगर परिषद ज्वालामुखी के बाशिंदे अशोक कुमार ने अपनी जमीन में खुदाई का काम लगाया हुआ था।
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इस दौरान मजदूरों को एक घड़े के अंदर दो पत्थर मिले। अशोक ने इन पत्थरों को नदी के किनारे रख दिया। वहीं दूसरे दिन इन पत्थरों को देखा तो अलग ही अनुभूति का अनुभव हुआ। अशोक ने बताया कि इसके बाद उन्होंने इन पत्थरों को उठाकर अपने साथ घर ले आए व किसी जानने वाले पंडित से इनकी जांच करवाई तो पता चला कि यह पत्थर तैरते हैं।
इन पत्थरों का वजन जरीब छह किलो है। अशोक का परिवार और गांव के लोग इसे भगवान राम का आशीर्वाद मानकर भजन कीर्तन कर रहे हैं। गांव वाले व अशोक का परिवार इन पत्थरों को रामसेतु का हिस्सा मान रहे हैं। पत्थरों के दर्शन करने के लिए लोग दूर-दूर से आ रहे हैं।

क्या है रामसेतु पत्थरों से जुड़ा सवाल-
रामसेतु जिसे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर ‘एडेम्स ब्रिज’ के नाम से जाना जाता है। मान्यता है कि ईश्वर श्री राम की वानर सेना द्वारा भारत के दक्षिणी भाग रामेश्वरम पर यह बनाया गया था जिसका दूसरा किनारा श्रीलंका के मन्नार तक जाकर जुड़ता है। ऐसी मान्यता है कि इस पुल को बनाने के लिए जिन पत्थरों का उपयोग किया गया था वह पत्थर समुद्र में नहीं डूबे बल्कि पानी की सतह पर ही तैरते रहे।