स्त्री ने तीन साल पहले खोए हुए पति को ढूंढ निकाला टिकटॉक पर..!

आज से दो साल पहले टिकटॉक के बारे में लोग जानते भी नहीं थे और अब देखिए। टिकटॉक की लोकप्रियता किस प्रकार से बढ़ रही है उसका उदाहरण तो सभी अपने आस-पास देख सकते हैं। घर बैठी गृहणियां अब टिकटॉक सुपरस्टार बनी हुई हैं तथा राह चलती सेल्फी अब टिकटॉक वीडियो में बदल गई है। आलम ये है कि इसके लिए लोग पूरा सेटअप करने लगे हैं। बाकायदा प्रोफेश्नल वीडियो शूट किए जा रहे हैं। लोगों के मनोरंजन का ये साधन यकीनन न्यू इंडिया का एक बड़ा एप बनकर उभरा है।
लेकिन टिकटॉक की इतनी खूबियों के साथ ही एक और खूबी सामने आई है। वो ये कि महिलाओं को अब इस एप के द्वारा अपने खोए हुए पति मिलने लगे हैं। चौंकिए मत! आपने ठीक पढ़ा। टिकटॉक की ये खूबी शायद उसे बनाने वाले को भी नहीं पता होगी, मगर टिकटॉक के जरिए एक महिला को तीन साल पहले खोया हुआ उसका पति मिल गया। वो गोविंदा का गाना था न। 'दिस हैपन्नस ओनली इन इंडिया।'

क्या है टिकटॉक पर पति मिलने की पूरी कहानी?
ये किस्सा है के विल्लुपुरम जिले का। दरअसल, तमिल नाडु के सुरेश की शादी कृष्णागिरी में रहने वाली जयाप्रदा से हुई थी। जयाप्रदा तथा सुरेश के दो बच्चे भी हैं। पर घरेलु झगड़े से तंग आकर सुरेश ने एक किन्नर से संबंध बना लिए। अब एक बार प्यार हो गया तो इंसान किसी और की नहीं सुनता। शायद यही कारण रहा होगा सुरेश के अपनी पत्नी को छोड़ने का। लेकिन उसका ये फैसला बहुत गलत था। आखिर उस पत्नी को छोड़कर जाना जो उसके भरोसे आई है और साथ ही दो उन्हें बचपन के खेल खिलाने की जगह छोड़ देना बहुत गलत था। सुरेश के गुम होने पर जयाप्रदा ने उसे ढूंढने की काफी कोशिशें कीं। लेकिन उसका कोई नतीजा नहीं निकला। नीचे जयाप्रदा और उसके पति सुरेश की तस्वीर दी गई है।

मगर वो कहते हैं न कि कर्म आपका पीछा कभी नहीं छोड़ता जो किया है वो सामने आ ही जाता है। यही हुआ सुरेश के साथ भी। उसे जहां एक ओर घर छोड़कर जाने के बाद खुद की पहचान छुपाने की हड़बड़ी होगी। वहीं दूसरी तरफ उसे ये नहीं समझ आया कि उसके साथ-साथ उसके रिश्तेदार भी टिकटॉक पर अपडेट रहेंगे।

रिश्तेदारों ने खोल दी पोल...
सुरे ने अपनी प्रेमिका के साथ टिकटॉक पर वीडियो डालने का शौकीन था। वीडियो बनाने की अपनी मस्ती में सुरेश ये भी भूल गया कि वो अपने घर से भागा हुआ है और उसे कोई निरन्तर ढूंढ रहा है। जिन को छोड़कर वो भागा था, वही अब सुरेश ने खुद मोल ले लीं। भारतीय रिश्तेदारों के साथ सबसे बड़ी समस्या ये है कि वो अपने काम में कभी रियायत नहीं बरतते हैं और किसी को नहीं छोड़ते हैं। तभी तो टिकटॉक वीडियो बना रहे सुरेश तथा उसकी प्रेमिका का पता चल पाया।

जयाप्रदा के एक रिश्तेदार ने सुरेश को टिकटॉक पर वीडियो बनाते हुए देखा। उसे शक हुआ और उसने सीधे जयाप्रदा को इसकी खबर दे दी। अब वायरल वीडियो के साथ एक दिक्कत है कि उसे हर कोई देख लेता है। बस यही हुआ सुरेश के साथ और जयाप्रदा ने आसानी से अपने पति को पहचान लिया। तत्काल प्रभाव से पुलिस को इसकी सूचना दी गई। पुलिस ने इसके पश्चात सुरेश को होसूर शहर में पकड़ लिया। नीचे दी गई तस्वीर में सुरेश और वो किन्नर है जो टिकटॉक वीडियो बना रहे थे।

पुलिस के बयान ने बताया प्रेमी-प्रेमिका वाला एंगल...

पुलिस के बयान में पता चला कि सुरेश ने अपने परिवार को इसलिए छोड़ा क्योंकि घरेलू समस्याएं थीं तथा उसके कारण वो परेशान हो गया था। परेशानी में उसके एक किन्नर से संबंध भी बने। वो होसूर शहर में एक ट्रैक्टर फैक्ट्री में मेकैनिक के तौर पर काम करने लगा। पुलिस ने सुरेश का पता एक NGO की सहायता से लगाया जो किन्नरों के उपकार का काम करता है।

ये भले ही बड़ी लग रही हो, मगर यकीनन वो महिला जिसपर अपने दो छोटे बच्चों की जिम्मेदारी आ गई वो उसे कैसा महसूस हुआ होगा ये सोचना भी बहुत कठिन है। वो महिला तीन साल तक अपने पति के बिना रही। इस कहानी में अभी एक और ट्विस्ट है। सुरेश और जयाप्रदा अब एक साथ हो गए हैं। जी हां, कुछ मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो सुरेश और जयाप्रदा के बीच के गिले-शिकवे दूर हो गए हैं।