जिसके विरोध में आकाश विजयवर्गीय ने बल्ले से अधिकारी को मारा, वो आदेश शिवराज के समय का था..!

बीजेपी महासचिव कैलाश विजयवर्गीय के बेटे चर्चा में हैं क्योंकि इन्होंने नगर निगम अधिकारियों और कर्मचारियों पर बैट से वार किया था। कारण- बहस बढ़ गई तो उन्होंने बैट से कर्मचारियों और अधिकारियों को पीट दिया। हालांकि आकाश को 11 जुलाई तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। लेकिन जिस इमारत को ढहाने के लिए आकाश ने बैट उठाया, उसे बीजेपी नेता शिवराज सिंह चौहान के ही कार्यकाल में ही जर्जर घोषित किया गया था।

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राज्य सरकार का सीधे-सीधे नगर निगम से कोई लेना देना नहीं है। भले ही..दरअसल, पिछले वर्ष कुछ पुराने मकानों को चुना गया था, जो पुराने थे और जर्जर हो चुके थे। हालत इतनी खराब हो चुकी थी कि बारिश से कभी भी गिर सकती थी। इसके लिए निगम की ओर से नोटिस भी जारी किया गया था। लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

नोटिस की कॉपी आप यहां देख सकते हैं-

नोटिस की वो कॉपी, जिसमें इमारत को ढहाने का आदेश पिछले वर्ष अप्रैल में दिया गया था। इसमें साफ दिख रहा है कि ये नोटिस 3 अप्रैल, 2018 को जारी किया गया था। इसमें स्पष्ट लिखा है कि इमारत को खतरनाक घोषित किया गया है, इसलिए इसे खाली कर दें। क्योंकि यदि कोई क्षति होती है, तो उसके जिम्मेदार वो खुद होंगे। आकाश की इस गुंडई के बाद भी बीजेपी के ही नेता आकाश विजयवर्गीय का बचाव कर रहे हैं। करें भी क्यों नहीं, अपनी दही किसको खट्टी लगती है-

बीजेपी नेता हितेष वाजपेयी का कहना है कि वीडियो में जो दिख रहा है, उस मामले की तह तक जाना आवश्यक है। ये निगम अधिकारी पहले 20-25 रुपए रिश्वत लेते हैं और फिर बारिश के वक्त उसे हटाने के लिए पहुंच जाते हैं। सोशल मीडिया पर भी कई लोग आकाश का समर्थन कर रहे हैं। आकाश ने भी अपनी सफाई में कहा कि वो इसी प्रकार से ही गुंडई और भ्रष्टाचार को खत्म करेंगे। इतना ही नहीं, ‘आवेदन, निवेदन और फिर दनादन’ के तहत ही वो कार्रवाई करेंगे।

आकाश विजयवर्गीय की गुंडई ये पहली बार हो, ऐसा नहीं हैं। उन्होंने जनवरी, 2019 को भी निगम कर्मचारियों को धमकी दी थी। वीडियो भी वायरल हुआ था। वो खफा केवल इस बात से थे कि उन्हें कार्यक्रम में आने के लिए पहले से इंवाइट नहीं किया गया था। एक रात पहले सूचना दी गई थी। उन्होंने खुले आम धमकी दी थी कि निगम अधिकारी आगे से कार्यक्रम समय पर पूछ कर रखें, वर्ना समझेंगे, कि क्या होगा...।


आकाश की बातों और उनकी हरकतों से लगता है कि उनका नगर निगम से 36 का आंकड़ा है। हर बात पर मारना, पीटना, धमकाना उनकी आदत में शुमार हो गया है। सरकार का घमंड है या फिर अपनी हरकतों पर नाज़। वो ही जानें। लेकिन आप विधायक हैं, जनता के लिए, अपने इलाके में सभी व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए। वो आपकी जिम्मेदारी है। लेकिन आपको अपने इलाके के बारे में मालूम ही नहीं हैं। ये नहीं मालूम कि कौन-सा काम अभी पूरा हुआ है और कौन-सा कई महीनों-सालों से पेंडिंग पड़ा हुआ है। पद का रौब झाड़ना गलत है।