छह हजार रुपये में बात कर प्रेग्नेंट सब इंस्पेक्टर ने डॉक्टर को जाल में फंसाया, फिर खुला उसका रहस्य..!

मध्यप्रदेश के रीवा जिले में प्रतिबंधित होने के बाद भी मोटी रकम लेकर एक डॉक्टर के द्वारा भ्रूण जांच किया जा रहा था। लेकिन पांच महीने की प्रेग्नेंट महिला सब इंस्पेक्टर ने डॉक्टर की काली करतूतों का पर्दाफाश किया है। डॉक्टर को अपने जाल में फंसाने के लिए महिला सब इंस्पेक्टर ने सोनोग्राफी के लिए उसके दलाल के द्वारा छह हजार में सौदा की।

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खबर के अनुसार जिले में गलत तरीके से चल रहे इस कारोबार के बारे में रीवा जिले के डीएम को निरन्तर शिकायत मिल रही थी। जिले के डीएम ओमप्रकाश श्रीवास्तव ने जिले के अधिकारियों से कहा कि इस मामले की जांच कीजिए और मामला सही पाएं तो सख्त कार्रवाई कीजिए।

उसके पश्चात पुलिस और स्वास्थ्य विभाग संयुक्त टीम इस मामले की जांच कर रही थी। शुरुआती जांच में यह शिकायत सही निकली मगर डॉक्टर के खिलाफ कार्रवाई के लिए सबूत चाहिए थी। उसके बाद जिले के अधिकारियों ने इस काली करतूत की जांच का जिम्मा महिला थाना को सौंपी।

महिला थाना की प्रभारी आराधना सिंह ने अपनी सहयोगी चित्रांगना से अवैध तरीके से चल रहे सोनोग्राफी सेंटर के बारे में बात की। चित्रांगना सिंह खुद पांच महीने की प्रेग्नेंट हैं। वह अग्रवाल नर्सिंग होम के एक दलाल से मिलीं तथा सोनोग्राफी के बारे में बात कीं। छह हजार में डॉक्टर के आवास पर चिंत्रागना ने सोनोग्राफी के लिए डील फाइनल की।

डॉक्टर ने महिला इंस्पेक्टर चित्रांगना सिंह को शुक्रवार की सुबह अपने आवास पर सोनोग्राफी के लिए बुलाया था। चित्रांगना सिंह शुक्रवार को डॉक्टर के आवास पर पहुंची। डॉक्टर ने जैसे ही सोनोग्राफी करना प्रारंभ किया वैसे ही जिला प्रशासन की पूरी टीम वहां पहुंच गई। अग्रवाल नर्सिंग होम के संचालक को अपने घर के कमरे में रंगेहाथ भ्रूण जांच करते हुए गिरफ्तार कर लिया गया।

जिले के सीएमएचओ ने बताया कि डॉक्टर के पास इस मशीन का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। लेकिन डॉक्टर ने क्लेक्टर के ऑफिस से न तो मशीन का रजिस्ट्रेशन है और न ही संचालक का। आरोपी डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया गया है।