घर वालों नें मृत समझकर प्रारंभ की अंतिम संस्कार की तैयारी, बाद में जो हुआ देख के रोंगटे खड़े हो गए..!

जीवन और मरण जिंदगी का एक ऐसा चक्र है जिससे कोई नहीं बच पाता है। जिसने भी इस संसार में जन्म लिया है उसकी मृत्यु निश्चित है। विज्ञान भले ही आज चाहे जितनी भी प्रगति कर चुका हो मगर मरने के बाद व्यक्ति की आत्मा का क्या होता है इस बारे में कई तरह के मिथ हैं लेकिन इनके बारे में आज तक कोई पता नहीं लगा पाया है। विज्ञान भी आज तक इस बात से अंजान हैं। आज हम आपको एक ऐसे ही शख्स के विषय में बताएंगे जो मरने के बाद जिंदा हो गया।

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फिल्मों और टीवी  सीरियल में तो आपने देखा ही होगा कि लोग मरने के पश्चात दोबारा जिंदा हो जाते हैं। लेकिन अगर कोई इंसान असल जिंदगी में मरने के बाद जिंदा हो जाए तो आपके होश उड़ जाएंगे। एक ऐसी ही घटना हुई है चेन्नई में, जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाएगा। मामला है धारवाड़ के मनागुंडी का जहां पर एक शख्स को डॉक्टरों ने मरा हुआ घोषित कर दिया तथा जब उसका अंतिम संस्कार करने के लिए लोग उसे ले जाने लगे तो वो वापस से जिंदा हो गया।

मारवेड़ गांव के एक शख्स को कुत्ते ने काट लिया था। जिसके बाद उसे तेज बुखार हुआ और इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया। मगर वहां पर उसकी हालत और बिगड़ गई और डॉक्टरों ने उसे वेंटिलेटर पर शिफ्ट कर दिया। डॉक्टरों के अनुसार यदि उस युवक को वेंटिलेटर से हटाया गया तो उसके बचने की कोई उम्मीद नहीं रह जाएगी। डॉक्टरों के अनुसार उस शख्स का शरीर में संक्रमण फैल गया था। और उसको वेंटिलेटर पर रखना है या नहीं इसका फैसला उसके घर वालों को ही लेना था।

काफी सोच विचार के बाद उसके घर वालों ने उसे वेटिंलेटर से हटाने का निर्णय लिया और उसे घर लेकर चले गए। घर ले जाने पर युवक ने हिलना-डुलना भी बंद कर दिया। उसकी दिल की धड़कन भी नहीं चल रही थी और घर वालों ने शख्स को मरा हुआ समझकर उसके अंतिम संस्कार की तैयारी करनी प्रारंभ कर दी। जब युवक की अंतिम संस्कार की विधि चल ही रही थी तभी अचानक से उसने अपनी आंखे खोल दी सांस लेने लगा। ये देखकर वहां मौजूद सभी लोग घबरा गए और इधर-उधर भागने लगे।

इस घटना के बाद युवक को फौरन ही अस्पताल में भर्ती किया गया, जहां पर उसका इलाज चल रहा है। कहते हैं कि वक्त से पहले किसी को मृत्यु नहीं आती है, ऐसा ही हुआ इस युवक के साथ भी। जहां डॉक्टरों ने उसके बचने की सारी उम्मीदें छोड़ दी थी और घर वालों ने भी उसे मृत समझकर उसका अंतिम संस्कार करने का निर्णय लिया लेकिन उसकी मृत्यु नहीं थी और वो वापस से जिंदा हो गया।