आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे सड़क दुर्घटना पर बड़ा खुलासा, सच्चाई जानकर उड़ जायेंगे आपके भी होश..!

आगरा के यमुना एक्सप्रेस-वे पर सोमवार को तड़के हुई बस दुर्घटना में 29 मृतकों में 19 शवों की शिनाख्त कर ली गई है हालांकि 20 घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मुख्यमंत्री ने मामले की जांच कर 24 घंटे के भीतर जांच रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए हैं। यमुना एक्सप्रेस-वे बस हादसे के संबंध में पुलिस कंट्रोल रूम ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर दिया है। इस बीच एक्सप्रेसवे पर हुए हादसे के पीछे एक बहुत बड़ा खुलासा हुआ है। अस्पातल में भर्ती घायल यात्रियों की मानें तो ड्राइवर और कंडक्टर गाजीपुर से लखनऊ रूट पर ड्यूटी करते थे। सवारियां ज्यादा होने के कारण स्पेशल गाड़ी चलाई गई उन्हें ड्यूटी पर भेजा गया। दोनों ही प्रोफेशनल नहीं लग रहे थे। उन्हें रास्ता भी नहीं पता था, एक्सप्रेसवे जाने के बजाए वह पहले दूसरे रूट पर बस लेकर चले गए थे, बाद में यू-टर्न लेकर एक्सप्रेसवे पर पहुंचे। जिलाधिकारी एनजी रवि कुमार ने बताया कि आगरा यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में अभी तक 29 मृतकों में 19 लोगों की पहचान हो सकी है। बाकी मृतकों की शिनाख्त करायी जा रही है।
इस हादसे में मरने वालों में लखनऊ के चिनहट निवासी सिद्धार्थ दुबे, चिरंजीव विहार गाजियाबाद निवासी सत्यप्रकाश शर्मा, गोमती नगर लखनऊ निवासी धीरज पांडेय, लखनऊ निवासी अविनेश अवस्थी, गोंडा निवासी सत्यप्रकाश तिवारी, गोरखपुर निवासी आदित्य कश्यप, हरियाणा निवासी प्रेमचंद, रायबरेली निवासी विजय बहादुर सिंह, दिल्ली निवासी हुजूर आलम, प्रयागू मिश्रा, राजाजीपुरम लखनऊ निवासी दीपक सिंह, पुणे निवासी धीरेंद्र प्रताप सिंह, बस्ती निवासी अंकुश श्रीवास्तव, इंदिरा नगर, लखनऊ निवासी आकाश श्रीवास्तव, इंदिरा नगर, लखनऊ निवासी इंतख्वाब अहमद खां, गोरखपुर निवासी अमित कुमार, शाहपुर, भोजपुर बिहार निवासी दीपक कुमार पांडेय और एक अज्ञात रोडवेज कर्मचारी है।

मिली जानकारी के मुताबिक 

अवध डिपो की रोडवेज बस रविवार रात लखनऊ के आलमबाग बस स्टैंड से दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। लखनऊ एक्सप्रेसवे तथा इनर रिंग रोड होते हुए तड़के करीब साढ़े चार बजे बस यमुना एक्सप्रेसवे पर पहुंची। एत्मादपुर थाना सीमा के अंतर्गत चौगान गांव के पास बस डिवाइडर पार कर नाले में गिर गई। घटना की सूचना पाकर थाना एत्मादपुर सहित सर्किल की फोर्स मौके पर पहुंची। जेसीबी क्रेन द्वारा राहत व बचाव कार्य प्रारंभ कर दिया गया। हादसे में 29 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई लोग घायल हैं, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

घायल यात्री ने बताई ये बातें

हॉस्पिटल में भर्ती घायल प्रकाश सिंह के मुताबिक, ड्राइवर और कंडक्टर गाजीपुर से लखनऊ रूट पर ड्यूटी करते थे। सवारियां ज्यादा होने के कारण स्पेशल गाड़ी चलाई गई उन्हें ड्यूटी पर भेजा गया। दोनों ही प्रोफेशनल नहीं लग रहे थे। उन्हें रास्ता भी नहीं पता था, एक्सप्रेसवे जाने के बजाए वह पहले दूसरे रूट पर बस लेकर चले गए थे, बाद में यू-टर्न लेकर एक्सप्रेसवे पर पहुंचे।

पानी में गिरने से आया होश

प्रकाश ने बताया कि जब हादसा हुआ तब वह नींद में था। पानी में गिरा तो होश आया फिर उपर आने की कोशिश की, साथ सफर कर रहे एक भइया ने सहायता कर मुझे उठाया। मैं जब सतह पर आया तो बस से करीब 50 से 60 मीटर दूर था।

घायलों की सूची

घायलों में प्रखेस निवासी आजमगढ़, दीलिप निवासी लखनऊ, सुनीता निवासी रायबरेली, अशोक निवासी हापुड़, सौर्य निवासी मिर्जापुर, साहब कानपुर, ऋषि यादव निवासी बाराबंकी, प्रवेश कुमार निवासी आजमगढ़, संजीत कुमार सुल्तानपुर, मनीष कुमार निवासी बाराबंकी, मंजेश कुमार निवासी गाजियाबाद, गौरव निवासी लखनऊ, जुनैद आलम निवासी मुरादाबाद, प्रतीक निवासी आगरा, अर्पित, इलाहाबाद, मेहअदीब निवासी लखनऊ, और प्रियांसी निवासी लखनऊ शामिल है। ये सभी अलग-अलग हॉस्पिटल में भर्ती है, जिनका इलाज किया जा रहा है। इसी तरह लखनऊ निवासी मनीष, नई दिल्ली के अरुणेन्द्र, फरीदाबाद के हेमन्त कुमार पाण्डेय, दिल्ली के राकेश तिवारी चौहान अस्पताल में भर्ती हैं। परिवहन विभाग देगा मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा।
इस खतरनाक सड़क हादसे को लेकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से लेकर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपना दुःख जाहिर किया है। मुख्यमंत्री ने तीन सदस्यीय जांच समिति बनाकर रिपोर्ट मांगी है। ट्रांसपोर्ट कमिश्नर, डिविजनल कमिश्नर और आईजी आगरा 24 घंटे के अंदर अपनी जांच रिपोर्ट मुख्यमंत्री को सौपेंगे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा व परिवहन मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को घटनास्थल के लिए रवाना किया। उन्हें स्पेशल चार्टर्ड प्लेन से आगरा भेजा गया। इधर, उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग ने मृतकों के परिजनों को पांच-पांच लाख रुपये मुआवजे की घोषणा की है।

उल्लेखनीय है कि अवध डिपो की रोडवेज बस रविवार रात 10ः00 बजे आलमबाग रोडवेज बस स्टैंड से सवारियों को लेकर दिल्ली के लिए निकली थी। लखनऊ एक्सप्रेस-वे और इनर रिंग रोड होते हुए तड़के 3ः30 बजे लगभग बस यमुना एक्सप्रेस-वे पर करीब दो-तीन किलोमीटर चलते ही चालक को झपकी लग गई। इसके बाद अनियंत्रित होकर बस यमुना एक्सप्रेस-वे से 30 फुट गहराई में झरना नाले में जाकर गिर गई। इस हादसे में 29 लोगों की मृत्यु हो गई है, जबकि 20 से अधिक लोग घायल है।