बहन को जाति के बाहर विवाह करने पर छोटी बहन से लगवाया जीजा पर झूठा दुष्कर्म का आरोप.!

राजस्थान का एक जिला है धौलपुर। इस जिले में एक थाना है जिसका नाम है कंचनपुर। पिछले सप्ताह इस इलाके में 18 साल और 16 साल की दो बहनों के साथ रेप का मामला सामने आया था। लड़कीयों के पिता ने आरोप लगाया था कि दोनों बहनों के साथ निरन्तर दो महीनों तक रेप होता रहा। जब छोटी बहन भागकर अपने घर पहुंची और घरवालों को पूरी बात बताई तो मामले का खुलासा हुआ। इस पर हमने 16 जुलाई को ख़बर भी की थी। ख़बर में छोटी बहन का बयान भी शामिल था। प्रियंका मीणा (बड़ी बहन) अपने ही गांव में रहने वाले नरेश गुर्जर से प्रेम करती थी। दोनों अलग-अलग जाती से थे। इसलिए प्रियंका के घरवालों को इस रिश्ते से दिक्कत थी। उन्होंने उसे रोकने की काफी कोशिश की। सारी पाबंदियां लगा दीं। घर से निकलना बंद करवा दिया। इस साल अप्रैल में प्रियंका अपने घर से भाग गई। उसने नरेश से शादी कर ली। दोनों धौलपुर में ही साथ रहने लगे।

प्रियंका और नरेश ने अप्रैल में शादी कर ली थी

loading...
प्रियंका के पिता कमल सिंह ने इस पर ऐतराज़ जताया। दोनों को डराया-धमकाया। मगर प्रियंका और नरेश पर इसका कोई असर नहीं हुआ। कमल सिंह ने अपनी बेटी और दामाद को अलग करने के लिए अलग ही तोड़ निकाला। अपने दामाद पर झूठा रेप का केस ठोक दिया। 10 जुलाई को वह अपनी छोटी बेटी को लेकर पुलिस स्टेशन पहुंचा। उसने बताया कि नरेश ने उसकी बेटियों को किडनैप किया। दो महीनों तक उन्हें बंदी बनाकर रखा। साथ ही उनका रेप भी करता रहा। छोटी बेटी स्वयं को छुड़ाकर वापस घर भाग आई। वहीं दूसरी बेटी यानी प्रियंका अभी भी उसके कब्ज़े में है। पुलिस उसे तुरंत छुडाए। पुलिस ने मामला दर्ज किया और नरेश को गिरफ़्तार कर लिया।
नरेश की गिरफ़्तारी के पश्चात प्रियंका थाने पहुंची। उसने पुलिस को सच बताया। उसके मुताबिक कमल सिंह कई महीनों से नरेश को फंसाने की बात कह रहा था। और उसने वही किया। अपनी छोटी बेटी पर प्रेसर बनाकर उसने नरेश पर रेप का झूठा आरोप लगवाया। सब इंस्पेक्टर बासुदेव सिंह ने इंडिया टुडे के रिपोर्टर उमेश मिश्रा को बताया कि प्रियंका के सामने आने के बाद साफ हो चुका है कि नरेश गुर्जर को आरोपी बनाकर फंसाया जा रहा था। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है और प्रियंका के माता-पिता से पूछताछ की जा रही है।

ये रहा उसका बयान:
मेरी उम्र 16 वर्ष है। राजस्थान के एक छोटे से ज़िले में मेरा घर है। घर पर मां, पापा, और मेरी बड़ी बहन रहते थे। बहन की उम्र 18 साल है। अधिक कुछ है नहीं हमारे पास। पापा किसान हैं। खेती-मज़दूरी करके घर चलाते हैं। मां भी उनकी खेती में मदद करती हैं। मैं स्कूल जाती हूं। बड़ी बहन ने पढ़ाई छोड़ दी है। 10 जुलाई को मैं करीब दो महीनों बाद अपने मां-पापा से मिल पाई। आख़िरी बार मैंने उन्हें 24 अप्रैल को देखा था। उस दिन मैं और मेरी बहन घर से निकले। हम बाड़ी गांव जा रहे थे। मेरी बहन को घर का कुछ सामान लेना था। मुझे फ़ोटो कॉपी करवानी थी। हम कुछ दूर ही निकले थे। वहां एक काले रंग की बोलेरो गाड़ी खड़ी थी। उसमें रामधन गुर्जर बैठा हुआ था। कुछ लोगों के साथ। उसने कहा कि वो हमें बाड़ी छोड़ देगा। हम दोनों उसकी गाड़ी में बैठ गए। लेकिन वो हमें बाड़ी लेकर नहीं गया, कहीं और ले गया। वहां उसने हमें ज़बरदस्ती गाड़ी से उतारा। हमें जबरन शराब पिलाई। हमारे हाथ-पैर रस्सी से बांध दिए। फिर हमारा बारी-बारी रेप किया।

लड़की ने बताया-

उसने हमारे मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, ताकि हम चिल्ला न पाएं। रामधन ने मुझे और मेरी बहन को अलग-अलग जगह रखा। दो महीनों तक वो हमारा बलात्कार करता रहा। मैंने अपनी बहन को दो महीनों से नहीं देखा है। एक दिन उसने ज़्यादा शराब पी ली। शराब के नशे में वो बेहोश हो गया। उसे बेहोश देख मैंने अपने हाथों और पैरों की रस्सियां ढ़ीली कर लीं। ख़ुद को छुड़ाया और वहां से भाग गई। रामधन वहीं बेहोश पड़ा था। मुझे मेरी बहन वहां नहीं दिखी।10 जुलाई को मैं अपने घर पहुंची। वहां पहुंचकर मैंने अपने मां-पापा को आपबीती बताई। घरवालों ने बताया कि जब हम बहनें घर वापस नहीं आई थीं, तो वो कंचनपुर थाने गए थे। शिकायत लिखवाने। लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत नहीं की।