एक सास ने किडनी देकर अपने दामाद को दी नई जिंदगी, एमडीएमएच में दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट ऑपरेशन..!

मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में 7 माह बाद दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट गुरुवार को संपन्न होगा। इस ट्रांसप्लांट में सास अपने दामाद को किडनी देगी। एमडीएम अस्पताल में ट्रांसप्लांट के लिए जयपुर एसएमएस हॉस्पिटल के यूरोलोजी विभाग की टीम बुधवार रात जोधपुर पहुंच चुकी है। मूलत: नागौर, हाल लालसागर निवासी मुकेश जोशी (34) को उसकी उज्जैन (मध्यप्रदेश) निवासी सास अनिता ओझा ( 55) किडनी डॉनेट करेगी। दोनों का क्रॉस मेच हो चुका है। सुबह 11 बजे के पश्चात यूरोलोजी विभागाध्यक्ष और ट्रांसप्लांट सर्जन डॉ. प्रदीप शर्मा, नेफ्रोलॉजी विभागाध्यक्ष मनीष चतुर्वेदी व डॉ. एसएस राठौड़ सहित उनकी टीम ट्रांसप्लांट करेगी। ट्रांसप्लांट के लिए जयपुर से एसएमएस अस्पताल में यूरोलोजी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय तोमर, डॉ. एसएस यादव, डॉ. बेनिवाल और एनेस्थेसिया महिला चिकित्सक जोधपुर पहुंच चुकी हैं। हॉस्पिटल प्रशासन ने रिसीवर व डोनर को कॉटेज संख्या 1 में रखा है।

और वहां एक मां ने एनवक्त पर किया था मना
loading...
मां द्वारा बेटे को किडनी देकर जीवनदान के कई मामले सुने होंगे मगर जोधपुर के मथुरादास माथुर अस्पताल में बड़ा अजीब मामला सामने आया है। यहां बीते महीने 7 जून को एक मां ऑपरेशन से महज 4 दिन पहले बेटे को किडनी देने से मुकर गई थी। डॉक्टरों ने बहुत समझाइश की मगर मां नहीं मानी। आखिर किडनी ट्रांसप्लांट का ऑपरेशन रद्द करना पड़ा था। ऊिलहाल बेटा डायलेसिस पर है और उसे कहीं से किडनी मिलने की उम्मीद भी नजर नहीं आ रही।
उल्लेखनीय है कि सरहदी जैसलमेर जिले के 16 वर्षीय बालक की दोनों किडनियां खराब हैं। उसे सप्ताह में एक बार एमडीएम हॉस्पिटल में डायलेसिस करवाना पड़ता है। डॉक्टरों के कहने पर उसकी मां एक किडनी बेटे को देने के लिए तैयार हो गई थी। अस्पताल प्रशासन ने सभी कानूनी दस्तावेज तैयार कर लिए। दोनों की ब्लड ग्रुप सहित अन्य जांचें कर ली गई। मां और बेटे जयपुर स्थित सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के यूरोलॉजी विभाग के डॉक्टरों के समक्ष काउंसलिंग के लिए भी उपस्थित हो गए। जोधपुर में यह दूसरा किडनी ट्रांसप्लांट होना था और जयपुर की टीम को ही करना था। ऑपरेशन के 4 दिन पहले मां ने एमडीएम अस्पताल प्रशासन को मना कर दिया। डॉक्टरों ने समझाने की पुरजोर कोशिश की लेकिन मां नहीं मानी। आखिर जयपुर की टीम को मना करना पड़ा और ट्रांसप्लांट की तैयारी भी रद्द करनी पड़ी। मां के इस निर्णय से डॉक्टर भी हैरान हैं।

6 महीने पहले पहला ट्रांसप्लांट, आज तक नहीं मिला दूसरा मरीज

जोधपुर में ठीक छह महीने पहले 6 दिसम्बर, 2018 को एमडीएम हॉस्पिटल में पहला किडनी ट्रांसप्लांट हुआ था। नागौर निवासी सद्दाम हुसैन को उसकी पत्नी ने किडनी दी। दोनों की किडनी का क्रॉस मैच हो गया था। इसके पश्चात एमडीएम अस्पताल में कोई दूसरा मरीज अब तक तैयार नहीं हो पाया है। नेफ्रोलॉजिस्ट ने एक अन्य मरीज तैयार किया लेकिन उसे हेपेटाइटिस सी हो गया। अब उसे तीन महीने इंतजार करना पड़ेगा। दो अन्य मरीज भी तैयार किए मगर वहां भी दिक्कत आ गई।