एम्बुलेंस चालक से मिल सकती है सुराग, किसने किया अर्चना वर्णवाल की हत्या...!

लगभग एक बजे दोपहर में शहर के शास्त्री क्लोनी स्थित आवास से महिला का मृत शरीर एक निजी एम्बुलेंस द्वारा ले जाया गया। शव को गया शहर स्थित गायत्री नर्सिंग होम में चिकित्सक की मिली भगत से भर्ती कराया गया।हालांकि इस कार्य के लिए एम्बुलेंस चालक को किराए से ज्यादा राशी दे कर किसी से कुछ नहीं बताने की भी बात कही गई थी।
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बताते चलें कि एम्बुलेंस कहीं दूसरी जगह का नहीं बल्कि जमुई टाउन का ही बताया जा रहा है। यदि पुलिस एम्बुलेंस चालक से अनुसंधान करती तो यह मामला सामने आ सकता है। हत्या के संबंध में कई सुराग एम्बुलेंस चालक द्वारा मिल सकता है।सबसे मुख्य बात यह है कि जिस वक्त महिला के मृत शरीर को ले जाया जा रहा था
उस वक़्त एम्बुलेंस के साथ करीब 5 लोग थे जिसमें एक फर्जी पुलिस की वर्दी में था। इतना ही नहीं जब बुधवार की देर रात्रि मृतिका अर्चना वर्णवाल के बीमार होने की खबर पर उसे देखने उसकी छोटी बहन सुमन वर्णवाल अपने पति विकास वर्णवाल और भाई संजीव उर्फ छोटू के साथ जब गायत्री नर्सिंग होम पहुंची तो यहां का नज़ारा कुछ और ही था।उन लोगों को क्या पता था कि उनकी बहन की 24 घंटे पहले ही मृत्यु हो गई है।नर्सिंग होम पहुंचते ही आरोपित रंजीत वर्णवाल के साथ दो दर्जन लोग उपस्थित थे जिसमें फर्जी पुलिस की वर्दी पहने दो लोग भी उपस्थित थे।जिसके द्वारा तीनो से जबरन धमकी देकर सादा कागज़ पर सिग्नेचर करवा लिया गया था।
हालांकि आरोपित बहुत शातिर और चालाक भी है। जब मृतिका के बड़े भाई टिंकु अपनी बहन को देखने गया पहुंचा तो उससे पहले ही महिला का दाह संस्कार कर दिया गया।फिर घंटो पश्चात आरोपित पति रणजीत वर्णवाल द्वारा फोन कर एक निजी होटल में बुलाया गया जहां करीब दो दर्जन से अधिक लोग मौजूद थे जिसमें भी दो फर्जी पुलिस की वर्दी पहने हुए युवक था। शास्त्री क्लोनी स्थित मृतिका के आवास के आस-पास जब तहकीकात की गई तो पड़ोसी कई महिलाओं ने महिला के हत्या करने की बात बताई। पड़ोसी व्यक्ति ने बताया कि जिस समय एम्बुलेंस पर महिला को रखा जा रहा था तो पूछने पर आरोपित के सहयोगी द्वारा चुप रहने की बात कही गई थी। पड़ोसी ने बताया कि महिला को घर से निकाल कर एम्बुलेंस के पीछे इस प्रकार रखा गया था जैसे कोई सामान फेंक कर रखा जाता है।