क्यों पत्नी और तीन बेटियों का कत्ल करने के लिए विवश हुआ 'बाप'? सुसाइड नोट में झलका प्यार..!

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मसूरी थाना क्षेत्र के न्यू शताब्दीपुरम में युवक प्रदीप ने तीन बेटियों और पत्नी की निर्ममता के साथ मर्डर कर खुदकुशी कर ली। हथौड़े से पत्नी के सिर पर वार किए और तीनों बच्चियों के मुंह पर टेप चिपकाकर गला घोंट दिया गया। इसके पश्चात युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। आखिर प्रदीप क्यों अपनी पत्नी और तीन बेटियों का कत्ल करने को मजबूर हो गया। आत्महत्या से पहले लिखे सुसाइड नोट में प्रदीप का पत्नी और बहन के प्रति प्यार भी झलका।

प्रदीप ने पत्नी के सिर पर हथौड़े से वार और तीनों बच्चियों के मुंह पर टेप चिपकाकर गला घोंट दिया। उसके पश्चात युवक ने अपने मुंह पर टेप चिपकाकर आत्महत्या कर ली। जेब से मिले छह पन्नों के सुसाइड नोट में प्रदीप ने सामूहिक हत्याकांड को अंजाम देने की वजह का खुलासा किया। सुसाइड नोट में उसका पत्नी के प्रति प्यार भी सामने आया। उसने लिखा कि पत्नी मुझे प्यार नहीं करती है। अपने पास सोने भी नहीं देती है। मुझे उस पर शक है। फिर भी मैं उसे बहुत प्यार करता हूं। पापा मेरे शव को संगीता के साथ ही जलाना। हमारे शवों का पोस्टमार्टम भी मत कराना। फांसी देने वाले को उसकी आखिरी इच्छा पूरी की जाती है। मेरी भी आखिरी इच्छा पूरी कर देना।

प्रदीप ने सुसाइड नोट में विवाह से लेकर अब तक की विस्तार से बात लिखी। लिखा कि शादी के बाद वह बहुत बीमार रहती थी। उसका इलाज कराया। उसके बाद बच्चे हुए। उसके रूम में एसी लगवाई, मगर उसका बिल मैं भरता हूं। वह मुझे अपने पास सोने भी नहीं देती है। उसकी हर खुशी का मैंने ध्यान रखा, लेकिन मुझे उसकी हरकतों से शक होने लगा है। मैं बेरोजगार हूं, नौकरी की तलाश भी कर रहा हूं। उसके बावजूद वह मेरी कोई बात नहीं मानती है। हमेशा लड़ती रहती है। मैं उसकी हरकतों से तंग आ चुका हूं। मुझे उस पर शक भी है। फिर, लिखा कि पापा-मम्मी छोटी बहन रीना की शादी कर देना। अपना ध्यान रखना। क्लेश के कारण मैं तीनों बेटी, पत्नी की हत्या करने के पश्चात सुबह आत्महत्या कर लूंगा। आखिरी में फिर उसने लिखा की पांचों में से किसी के भी शव का पोस्टमार्टम मत कराना और मेरे शव को संगीता के साथ ही जलाना।

मूलरूप से मेरठ के गांव अघैड़ा निवासी प्रदीप (37) पुत्र फेरुराम वर्तमान में न्यू शताब्दीपुरम माता-पिता, बहन, पत्नी संगीता (35) और बेटियों मनस्वी (8), यशस्वी (5) व ओजस्वी (3) के साथ अपने घर में रह रहा था। संगीता एम्स में स्टाफ नर्स थी। मनस्वी कक्षा तीन, यशस्वी कक्षा दो तथा ओजस्वी प्ले स्कूल में थी। शुक्रवार सुबह 4:30 के बाद बच्चियों के रोने की आवाज सुनकर प्रदीप के पिता ने उसे दरवाजा खोलने को कहा तो उसने कहा कि कुछ देर रुको दरवाजा खोलता हूं। कुछ ही देर में कमरे से आवाज आनी बंद हो गई।

पड़ोसियों को बुलाकर ऊपर जाकर देखा तो सभी बेड पर पड़े थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़ा तो पांचों के शव बेड पर पड़े थे। सीओ सदर प्रभात कुमार ने बताया कि संगीता की सांसें चल रही थी जिसे संजय नगर स्थित संयुक्त जिला हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया जहां उसने दम तोड़ दिया। परिजन प्रदीप व तीनों बच्चियों को डासना सीएचसी ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें भी मृत घोषित कर दिया। पुलिस की जांच में पता चला कि कमरे में कोई जहरीला पदार्थ, शीशी या रैपर नहीं मिला है। फोरेंसिक टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना संबंधी कई साक्ष्य जुटाए हैं। कमरे को सील कर दिया गया है, जिससे किसी साक्ष्य को नष्ट न कर दिया जाए।