धर्म भाई-बहन की आड़ में लड़ा रहे थे इश्क, दोनों की प्रेम कहानी का हुआ दर्दनाक अंत..!

तार-तार कर देने और हर किसी को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। यहां पर कथित तौर पर एक मुंह बोला भाई ही विवाहिता से इश्क लड़ा रहा था तथा उसी ने उसकी जान भी ले ली। मामला राजसमंद के खमनोर पुलिस थाना इलाके के गांव छोटा भाणुजा का है। पुलिस ने नववविवाहिता की हत्या के आरोप में गुरुवार रात को उसके धर्म के भाई नारायण लाल को गिरफ्तार किया है। उसके पश्चात आरोपी ने पुलिस के सामने दोनों के बीच संबंधों और वारदात को अंजाम दिए जाने की पूरी कहानी सिलेसिलेवार बयां की।
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मामले का खुलासा करते हुए राजसमंद जिला पुलिस अधीक्षक भूषण यादव ने बताया कि नाल की भागल छोटा भाणुजा की रहने वाली 22 वर्षीय वरदी की 11 जून को एक खेत में चाकू से वार कर हत्या कर दी गई थी। शुरुआत में हत्या के कारणों और वारदात को अंजाम देने वाले का पता नहीं चल पाया था। फिर कुंवारिया थाना प्रभारी दिलीप सिंह के नेतृत्व में गठित टीम मामले की तह तक गई तो पता चला कि गांव मोलेला निवासी 25 वर्षीय नारायण लाल का वरदी के घर बेरोक-टोक आना जाना था। सब उसे उसका धर्म भाई मानते थे।

पहले से शादीशुदा है प्रेमी
पुलिस ने शक के आधार पर नारायण लाल को हिरासत में लेकर पूछताछ की। शुरुआत में तो वह पुलिस को गुमराह करता रहा। फिर पुलिस ने सख्ती बरती तो उसने सच्चाई उगल दी, जो बेहद चौंका देने वाला था। उसने पुलिस को बताया कि वरदी के साथ उसका पिछले चार साल से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किसी को शक ना हो इसके लिए उसने वरदी को धर्म की बहन बना रखा था। नारायण लाल पहले से शादीशुदा है और उसकी पत्नी गर्भवती है।

नारायण की दुकान पर अक्सर आती थी वरदी
पुलिस के अनुसार नारायण लाल की खमनोर में कपड़े की दुकान है। जहां वरदी अधिकतर आया जाया करती थी। वरदी से उसकी मुलाकात 4 साल पहले गांव मोलेला में हुई थी। दोनों के बीच प्रेम प्रंसग शुरू हो गया और घर बेरोक-टोक आना जाना हो सके इस​के लिए दोनों ने एक-दूसरे को धर्म का भाई-बहन बना रखा था।

पिछले महीने हुई थी वरदी की शादी
पुलिस के अनुसार वरदी और नारायण लाल के मध्य धर्म के भाई-बहन की आड़ में प्रेम प्रसंग चल रहा था। दोनों के बीच अवैध संबंध भी बने। हालही में 6 मई को गांव सगरूण निवासी एक युवक के साथ वरदी की शादी हो गई। शादी के बाद से वह प्रेमी नारायण लाल पर उसे भगाकर ले जाने व शादी करने का दवाब बना रही थी। इसी से परेशान होकर नारायण लाल ने 11 जून को वरदी की हत्या कर दी।