बहन को भा गया भाई तभी पुलिस ने किया ऐसा कार्य, जानेंगे तो उड़ जाएंगे होश..!

प्यार कब किससे हो जाए, ये पता नहीं चलता है, क्योंकि प्यार अंधा होता है…अरे नहीं नहीं हम आपको यहां प्रेम की थ्योरी नहीं बताने जा रहे हैं, बल्कि हम आपको एक ऐसी कहानी से रूबरू कराएंगे, जिसको पढ़ने के बाद आप भी कहेंगे कि वाकई प्यार अंधा होता है। लव मैरिज करने में आज भी बहुत सी परेशानियां आती है, जिसकी वजह से कई कपल अपनी प्रेम कहानी को अधूरी छोड़ देते हैं, जिसके पश्चात जिंदगी भर इस गम से लिपटे रहते हैं, लेकिन कुछ लोग अपने प्यार के लिए समाज की परवाह किए बिना लड़ते हैं। चलिए जानते हैं कि हमारे इस रिपोर्ट में क्या खास है?
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यूपी की एक लड़की को अपने ही भाई से प्रेम हो गया। इस बात का पता जब घरवालों को चला तो उन्होंने समाज की डर की वजह से इस रिश्ते को मानने से पहले मना कर दिया, लेकिन बाद में कुछ ऐसा हुआ कि दोनों की शादी पुलिस को करानी पड़ी। मिली जानकारी के मुताबिक, लड़की अपने मामा के घर आई थी, जहां उसे मामा के लड़के से प्यार हो गया, ऐसे में लड़के दोस्तों ने लड़की का धर्म परिवर्तन कर शादी करा दी, इस कड़ी में कई एंगल हैं, जिसे समझना कठिन है।
पुलिस का कहना है कि यह पूरा मामला खरखौदा के पांची गांव का है, जहां के रहने वाली लड़की अपने नानी के घर गयी थी, यहां उसे अपने मामा के लड़के से इश्क हो गया है, जबकि लड़का रिश्ते में उस लड़की का भाई लगता था, ऐसे में दोनों ने शादी करने के लिए परिवार वालो को राजी तो कर लिया, मगर गांव के डर से दोनों ने इस रिश्ते को उजागर नहीं किया। ऐसे में पुलिस को बवाल बढ़ने पर जानकारी दी गई तो पुलिस दुल्हन और दूल्हा को साथ ले आई। आपको बता दें कि लड़की को जब अपने ही भाई से प्यार हो गया था, जिसके पश्चात लड़के दोस्तों ने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी शादी करा दी थी।
गांव वालों की माने तो दोनों की शादी 6 महीने पहले ही हो चुकी थी, मगर उनसे छिपाया गया। ऐसे में मंगलवार को जब शादी दोबारा गांव से बाहर हो रही थी तो गांव वाले आ धमके लेकिन सूचना पुलिस को दी गई, जिसके पश्चात पुलिस ने दोनों की शादी मंदिर में करा दी है, जिसके बाद पूरा मामला शांत हो गया। इस प्रकार के मामले यह सोचने पर मजबूर कर देते हैं कि क्या आज हम 21वीं शताब्दी के भारत की बात कर रहे हैं, मगर दो लोगों को उनकी पसंद से शादी करने में टांग अड़ाते हैं, ये कहां का न्याय है, जब युवा सरकार चुन सकती है, तो क्या उसे अपना हमसफर चुनने का अधिकार नहीं है?