युवक-युवती ने की सुसाइड नोट में लिखा मिला-'मम्मी कसम, हमारे बीच कुछ गलत नहीं था, हम भाई-बहन थे'...!

राजस्थान के बाड़मेर जिले में युवक-युवती के ट्रेन से कटकर मर जाने वाले मामले में अब सुसाइड नोट सामने आया है, जो दोनों के दुनिया के तानों से दुखी होकर यह दर्दनाक कदम उठाने की ओर इशारा कर ​रहा है। बता दें कि सोमवार देर रात बालोतरा व खेड़ रेलवे स्टेशन के पश्चात सीईटीपी प्लांट के पास जोधपुर-बाड़मेर सवारी गाड़ी के आगे छलांग लगाकर जान देने वाले युवक-युवती के शवों की शिनाख्त बाड़मेर के खडासा की सियागों की ढाणी निवासी 20 वर्षीय तगाराम पुत्र रिड़मलराम व 22 वर्षीय लक्ष्मी पुत्री रामाराम के रूप में हुई है। दोनों चचेरे भाई बहन थे।

युवती सीकर से कर रही थी बीएसटीसी
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पुलिस ने पोस्टमार्टम के पश्चात दोनों के शव परिजनों को सौंप दिए। युवती सीकर में रहकर एक कॉलेज बीएसटीसी द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रही थी। बाड़मेर पुलिस के अनुसार दोनों के आत्महत्या के पुख्ता कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। मौके पर मिले सुसाइड नोट के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।

ये लिखा मिला सुसाइड नोट में
'हम दोनों के मध्य भाई-बहन का रिश्ता था, पर क्या करें दुनिया ने एक तिनके का भारत बना दिया। अगर हमारे बीच ऐसा कुछ गलत होता तो हम टेंशन नहीं करते, पर दुनिया ने फालतू गलत ले लिया तो इस जिंदगी में जीने का कोई सार नहीं। मैं मम्मी की कसम खाकर कहती हूं कि हमारे बीच कुछ गलत था नहीं, लेकिन कोई गलत लेता है तो लो हमें कोई फिक्र नहीं, हम दुनिया छोडकऱ जा रहे हैं।
(एक कहावत भी है कि बिना विचारे जो करे सो पाछे पछताय, काम बिगाड़े आरोप और जग में होय हंसाय) आगे से ध्यान रखना प्रिय भाइयों कभी भी किसी पर झूठा इल्जाम लगाकर किसी की जिंदगी खत्म मत करना। भगवान सब-कुछ देख रहा है। कौन सही है और कौन गलत है वो तो भगवान देख रहा है लोग तो वैसे ही झूठा इल्जाम लगा रहे तो हम दोनों एक साथ अंतिम सांस लें। इस दुनिया से तो चले जाते आगे का आगे देखेंगे क्या होता है। जीवन में कभी किसी को दुख देकर अपनी खुशी का इंतजार मत करना और किसी को खुशी देकर अपने दुख का फ्रिक मत करना बहनों/भाइयों।