मजदूरी मांगने पर मालिक ने मजदूर को चिमनी में झोंका, जानकर आप भी हैरान हो जायेंगे..!

नौकरी का झांसा देकर यूपी ले गए रोसड़ा के एक युवक को ठेकेदार ने चिमनी में झोंक दिया। छह महीने तक काम करने के पश्चात मजदूरी मांगने पर चिमनी मालिक के इशारे पर ठेकेदार ने इस क्रूरतम घटना को अंजाम दिया। अन्य मजदूरों के सहयोग से किसी तरह चिमनी से बाहर उसे निकाल कर इलाज के लिए भर्ती कराया गया है। पिछले 13 दिनों से वह जीवन और मौत से जूझ रहा था। इसी बीच चिमनी में काम कर रहे एक संबंधी ने सोमवार की सुबह उसे नाजुक स्थिति में महादेव मठ स्थित उसके घर पहुंचा दिया।
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पुत्र की स्थिति देख पिता चाय दुकानदार राम बहादुर महतो की चीत्कार सुन जुटे आसपास के लोगों ने नीतीश को अनुमंडलीय अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे डीएमसीएच रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार सीमावर्ती बेगूसराय जिले के बसही निवासी ठेकेदार राममिलन राय नौकरी का झांसा देकर लगभग सात माह पूर्व नीतीश को अपने साथ ले गया था। उत्तर प्रदेश के बागपत जिले के गुराना स्थित एचबीएफ नामक चिमनी में उसे मजदूरी में लगा दिया। नीतीश द्वारा जब भी मजदूरी की मांग की गई तो ठेकेदार राममिलन राय एवं चिमनी मालिक बुलू वर्मा द्वारा भट्ठी में झोंकने की धमकी उसे दी जाती रही। छह माह पूरा होने के पश्चात नीतीश पिछले 16 जुलाई को मजदूरी लेने तथा घर जाने की जिद पर अड़ गया।
इस पर हैवान बने मालिक व ठेकेदार ने उसे जबरन उठाकर चिमनी में झोंक दिया। संयोगवश वह ज्यादा नीचे नहीं जा सका। ऊपरी हिस्से मे ईट के बीच बनी खाली जगह को पकड़कर लटका रहा। उसके चिल्लाने की आवाज सुनकर जुटे आसपास के मजदूरों के सहयोग से उसे बाहर निकाला गया। मगर, तब तक वह बुरी तरह झुलस चुका था। मजदूरों ने ही उसे वहां के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां 10 दिनों तक उपचार के बाद भी कोई सुधार नहीं होता देख पास के ही चिमनी में काम कर रहे उसके एक संबंधी ने नीतीश को सोमवार की सुबह उसके घर पर छोड़कर चला गया। नाजुक स्थिति में बेटे को देखते ही उसके पिता बेसुध हो गए। महज एक छोटी सी चाय दुकान के सहारे जीवनयापन कर रहे राम बहादुर महतो पुत्र के इलाज के लिए व्याकुल हो उठे। मगर, आसपास के लोगों ने मदद देकर उसे हिम्मत देते हुए अस्पताल पहुंचाया। पड़ोसियों ने संबंधित ठेकेदार एवं चिमनी मालिक के विरुद्ध न्यायालय में मुकदमा दर्ज कराने की बात भी कही है।