अपने मरे हुए बेटे की बगल में बैठकर मां बहा रही थी आंसू, तभी हुआ कुछ ऐसा जादू..!

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मां की ममता में कितना प्रभाव होता है इस बात का सबूत ये खबर है। तेलंगाना में सूर्यापेट ज‍िले के प‍िल्लालमैरी गांव के रहने वाले 18 वर्षीय गंधम क‍िरन को डॉक्टरों ने ब्रेन डेड  घोषित कर दिया था। कोमा के पश्चात ब्रेन पड़े इस लड़के के परिवार ने सारी आस खो दी थी। किशोर के अंतिम संस्कार की तैयारी चल रही थी तभी कुछ ऐसा हुआ जिसे देख गांववाले दंग रह गए। दरअसल, अपने नौजवान को इस हालत में देख उसकी मां उसे अंतिम विदाई देने को तैयार न थी। मां अपने लाडले के पास में बैठकर रो रही थी। मां की करुणा भरी पुकार सुन गंधम की आंखों से आंसू बहने लगे।
गंधम को दोबारा जीवित देख परिवार वाले उसे तुरंत अस्पताल ले गए कुछ दिनों में उसकी हालत में काफी हद तक सुधार आया है। बता दें कि 26 जून को गंधम को बुखार के साथ उल्टी होने की शिकायत हुई। उसके घर वालों ने उसे ज़िला हॉस्पिटल में भर्ती कराया दो दिन बाद उसकी तबियत और बिगड़ने लगी तो उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। 5 दिन तक गंधम कोमा में रहा जिसके पश्चात डॉक्टर ने हाथ खड़े कर दिए और उसे ब्रेन डेड घोषित कर दिया। डॉक्टर ने साफ तौर पर कह दिया कि उसका बचना मुश्किल है। गंधम को लाइफ सपोर्ट सिस्टम से हटा दिया गया और उसकी बॉडी को घर ले जाने की सलाह दी गई।
गंधम की मां सैदम्मा ने डॉक्टरों से कहा कि वो उसे लाइफ सपोर्ट सिस्टम के साथ ही घर ले जाना चाहती है। सैदम्मा अपने बेटे को घर ले आई। सगे संबंधी लड़के के अंतिम संस्कार की तैयारी कर रहे थे। मगर मां की पुकार सुन गंधम में फिर जान आ गई। तुरंत स्थानीय डॉक्टर को बुलाया गया उन्होंने नब्ज़ जांची तो वह चल रही थी। बिना देर किए लड़के को सूर्यापेट अस्पताल ले जाया गया। वहां तत्काल प्रभाव से उसे चार इंजेक्शनों के डोज लगाए गए। धीरे-धीरे उसकी हालत में सुधार आने लगा। घटना के तीन दिन पश्चात गंधम ठीक होने लगा है और धीमी-धीमी आवाज़ में बात भी करने लगा है।