महिला पुलिसकर्मी को लॉकअप के सामने टिक टॉक विडियो बनाना पड़ा बहुत महंगा, मिला ये दंड..!

इन दिनों सोशल मीडिया पर टिकटॉक विडियो बनाकर वायरल होने का ट्रेंड काफी चल रहा हैं। ये एप्प इतनी ज्यादा पॉपुलर हो गई हैं कि बड़े बड़े शहरों से लेकर छोटे छोटे गाँवों में रहने वाले लोग तक इसे उपयोग करते हैं। इस प्लेटफार्म पर आपको बच्चों से लेकर बूढ़े तक सभी उम्र के लोग मिल जाएंगे। हालाँकि टिकटॉक विडियो की वजह से अब तक कई लोग तरह तरह की परेशानी में भी फंस चुके हैं। ऐसी ही एक मुसीबत मेहसाणा जिले के लंगनाज पुलिस स्टेशन में तैनात एक महिला पुलिसकर्मी पर भी आन पड़ी। दरअसल इस महिला ने पुलिस स्टेशन के अंदर ही एक टिकटॉक विडियो बनाया था ऐसे में उसे इसकी ऐसी सजा मिली कि वो दुबारा टिकटॉक बनाने के पूर्व शायद दस बार सोचेगी। आइए विस्तार से जाने क्या हैं पूरा मामला।
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अर्पिता चौधरी नाम की महिला पुलिसकर्मी मेहसाणा जिले के लंगनाज पुलिस स्टेशन में लोक रक्षक दल (एलआरडी) के पद पर कार्यरत थी। अर्पिता ने 20 जुलाई को थाने के लॉकअप के सामने नाचते हुए अपना एक टिकटॉक विडियो बनाया था। महिला के विडियो अपलोड करने के बाद ये धीरे धीरे वायरल होने लगा। सिर्फ टिकटॉक ही नहीं बल्कि फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब और यहां तक व्हाट्सएप्प पर भी ये विडियो काफी वायरल हुआ। विडियो के इतने अधिक वायरल होने के बाद अधिकारीयों को इसका पता चल गया। ऐसे में उन्होंने महिला के ऊपर तुरंत कारवाई कर दी।
पुलिस स्टेशन में डांस करने और उसका विडियो बनाने के लिए महिला को सजा के रूप में निलंबित कर दिया गया। इस बारे में डीएसपी मनजीत वनजारा ने बताया कि अर्पिता चौधरी ने नियमों का उलंघन किया हैं। जब वे विडियो बना रही थी तब ड्यूटी पर थी और उन्होंने अपनी यूनिफॉर्म भी नहीं पहनी थी। इसके अलावा उन्होंने लंगनाज गांव के पुलिस स्टेशन में भी एक विडियो बनाया हैं। जनता के साथ साथ पुलिस को स्वयं भी अनुशासन और नियमों का पालन करना चाहिए। अर्पिता ने ऐसा नहीं किया, इसी कारण उन्हें निलंबित कर दिया गया। जानकारी के अनुसार अर्पिता चौधरी वर्ष 2016 में लोक रक्षक दल में पदस्थ हुई थी। बाद में उनकी पोस्टिंग गुजरात के मेहसाणा में हुई थी।
उधर सोशल मीडिया पर इस बात को लेकर लोगो की मिली जुली प्रतिक्रियाएं आ रही हैं। जहां एक ओर कुछ लोग पुलिस के इस एक्शन (निलंबन) की तारीफ़ कर रहे हैं तो वहीं कुछ का कहना हैं कि एक पुलिस वाले को भी कभी कभी थोड़ा एन्जॉय करने का अधिकार होता हैं। बता दे कि ये कोई पहला मामला नहीं हैं जब काम की जगह टिकटॉक विडियो बनाने की वजह से कोई सस्पेंड हुआ हैं। इसके पहले एक हॉस्पिटल में तीन नर्सों ने भी नवजात शिशु के साथ एक टिकटॉक विडियो बनाया था जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया था। इसी तरह के और भी कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ मामलो में तो टिक टॉक की वजह से लोगो की जाने तक गई हैं। इसलिए अगर आप भी टिक टॉक विडियो बनाने का शौक रखते हैं तो थोड़ी सावधानी जरूर बरते।