देर रात चलती ट्रेन में टीटीई बना डॉक्टर, ऐसे करवाई स्त्री की डिलीवरी..!

भारतीय रेलवे हमेशा से अपनी ख़राब सेवाओं के लिए बदनाम रहा हैं। लोग इसे लेकर कई प्रकार की शिकायतें करते रहते हैं। फिर चाहे वो ट्रेन का देरी से पहुंचना हो या फिर साफ़ सफाई या अन्य किसी चीज में कमी का रह जाना हो। यहां तक कि रेल के अंदर काम कर रहे टीटीई से भी लोगो को कई शिकायतें रहती हैं। कोई कहता हैं कि टीटीई ने पैसे लेकर दुसरे को सीट दे दी तो वहीं किसी का कहना होता हैं कि ये टीटीई लोग सदैव उनसे बत्तमीजी से ही बात करते हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी घटना के बारे में बताने जा रहे हैं जिसे सुन आपका टीटीई पर विश्वास फिर से बन जाएगा और आप समझ जाएंगे कि हर कोई ऐसा नहीं होता हैं। कुछ लोग बहुत अच्छे दिल के भी होते हैं। दिल्ली रेलवे डिवीजन में काम करने वाले एचएस राना ऐसे ही एक नेक दिल टीटीई हैं। हाल ही में उन्होंने ट्रेन के अंदर एक ऐसा अच्छा काम कर दिया कि सोशल मीडिया से लेकर रेल मंत्रालय तक उनके काम की प्रशंशा होने लगी।

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दरअसल हुआ ये कि टीटीई एचएस राना जिस ट्रेन में सवार थे, उसी में एक गर्भवती महिला भी यात्रा कर रही थी। समय रात्रि का था तभी महिला को अचानक दर्द होने लगा। ऐसे में जब इसकी सुचना टीटीई एचएस राना को प्राप्त हुई तो उन्होंने अपनी ट्रेन में किसी डॉक्टर यात्री की तलाश शुरू कर दी, हालाँकि उनकी लाख कोशिशो के बाद भी ट्रेन में कोई डॉक्टर पेसेंजर नहीं मिला। इस स्थिति में उन्होंने खुद ही महिला की डिलीवरी करने का निर्णय लिया। टीटीई की जॉब करने वाले एचएस राना महिला को मुसीबत में देख डॉक्टर भी बन गए। उन्होंने ट्रेन में सवार कुछ यात्रियों की मदद से महिला की सफलतापूर्वक डिलीवरी कर दी। नतीजा ये हुआ कि महिला ने बिना किसी परेशानी के एक स्वस्थ बच्चे को जन्म दिया।

ट्रेन में बच्चे के जन्म की खबर से हर्षो उल्लास का माहोल बन गया। हर कोई टीटीई की तारीफों के पूल बाँधने लगा। उधर सोशल मीडिया पर जब ये खबर फैली तो कई लोग आश्चर्य में पड़ गए। उन्हें यकीन नहीं हुआ कि एक टीटीई ने डॉक्टर की भूमिका अदा कर महिला की डिलीवरी तक कर दी। टीटीई के इस नेक काम की हर कोई सराहना करने लगा। उधर रेल मंत्रालय को जब इस घटना के बारे में बता चला तो वे भी इनकी प्रशंशा के लिए खुद को रोक नहीं पाए। रेल मंत्रालय के आधिकारिक ट्विटर हैंडल ने एक ट्वीट किया जिसमे लिखा था “उनकी (टीटीई एचएस राना) की नेक दिली और मुश्किल वक्त में इंसानियत मदद ने हमारा सीना गर्व से फूला दिया हैं।”

ये घटना अपने आप में बहुत सराहनीय हैं। आज एक जागरूक टीटीई की वजह से महिला और बच्चे दोनों की जान बच गई। उनके घर में एक नया मेहमान आ गया। उस महिला को तो ये अनुभव जिंदगीभर याद रहेगा। चलती ट्रेन में एक बच्चे का जन्म होने की बात रोज रोज सुनने को नहीं मिलती हैं। अगर इस टीटीई की तरह हम सभी भी दूसरों की मदद के लिए आगे आने लगे तो ये दुनियां स्वर्ग जैसी बन जाएगी।