दर्द से चीखती रही पत्नी मगर पति ने पार कि हैवानियत की सारी हदें, पत्नी के साथ कर डाला यह काम..!

हाल ही में सोशल मीडिया पर मी टू हैशटेग चल रहा था, जिसके द्वारा दुनिया भर के लोगों ने अपने साथ हुए यौन शोषण की बात सामने रखी थी। इस कैंपेन के तहत दुनिया भर की तमाम महिलाओं ने अपने साथ हुए यौन शोषण की दर्दनाक कहानियां दुनिया के सामने रखी थीं। न सिर्फ महिलाओं ने बल्कि पुरुषों ने भी बताया था कि किस तरह उम्र अलग अलग पड़ाव में यौन शोषण के शिकार हुए थे। इस कैंपेन के जरिए देश और दुनिया भर में महिलाओं के खिलाफ हो रहे यौन अत्याचार और यौन शोषण के बहुत चौकाने वाली घटनाएं सामने आई।

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मगर, आज हम आपको एक ऐसी महिला की कहानी बताने जा रहे हैं, जिसके पति ने उसके साथ कुछ ऐसा किया जो जानकर आप भी दंग रह जाएंगे। हमें आये दिन देश और दुनिया में महिलाओं के शोषण की हज़ारों खबरे पढ़ने तथा सुनने को मिलती रहती हैं। देश में इसके लिए कई कड़े कानून बने होने के बावजूद महिलाओं के खिलाफ हो रहे इन अत्याचारों पर कोई लगाम नहीं लग सका है। देश में महिलाओं को अक्सर घरेलू हिंसा का शिकार होना पड़ता है।

21 सदी में महिलाओं के खिलाफ देश में ऐसी घटनाओं का सामने आना हम सभी के लिए शर्मनाक है। दरअसल, आज हम आपको हाल ही में हुई एक ऐसी घटना बताने जा रहे हैं जो बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। घटना ग्वालियर के एक शहर की है, जहाँ एक महिला नर्स का काम करती थी। यह घटना बहुत शर्मनाक है कि एक कामकाजी महिला के साथ उसका पति रोज मारपीट करता था। रिपोर्ट के मुताबिक, वह महिला को पीट कर उसकी सारी सैलरी भी छीन लेता था। सरकारी हॉस्पिटल में नर्स का काम करने वाली इस महिला ने खुलासा किया है कि उसका पति उसे प्रतिदिन मारता था। वह उसके सामने चिल्लाती और गिड़गिड़ाती लेकिन वह नहीं रुकता।

इतना ही नहीं पति ने दहेज के रुप में महिला से 21 लाख रुपये कि मांग कि और न देने पर घर से निकल जाने को कहा। महिला ने इस मामले में अपने पति के खिलाफ FIR दर्ज करवाते हुए जल्द से जल्द तलाक करवाने की अपील की है। महिला का एक बेटा भी है जो उसके साथ ही रहता है। आपको बता दें कि इस महिला का नाम अपूर्वा सिंह है तथा इनकी शादी 4 वर्ष पहले हुई थी। पति की हैवानियत से तंग आकर आखिर महिला को केस दर्ज कराने और तलाक की अपील करने जैसे कदम उठाने पड़े। इस घटना से एक बार फिर देश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठते हैं। शायद कोई ऐसा कानून हो जो इस तरह कि महिलाओं को ऐसे प्रताड़ित होने से बचा सके।