तबरेज़ की लिंचिंग के विरुद्ध प्रदर्शन में उतरे थे, गुंडई पर उतर आए...!

झारखंड में तबरेज अंसारी की मॉब लिंचिंग हुई और इसके खिलाफ प्रदर्शनों का दौर शुरू हुआ। और अब ऐसी खबरें आ रही हैं कि ऐसे प्रदर्शन अब हिंसक होते जा रहे हैं। हालिया खबर रांची से है। हिंसा के खिलाफ प्रदर्शन हुआ और प्रदर्शन हिंसक हो गया। एक बस में तोड़फोड़ की ख़बरें आयीं और अब तक कुल पांच लोग घायल हो चुके हैं। इस मामले में झारखंड पुलिस ने तीन रिपोर्ट दर्ज की है। एक रिपोर्ट में शहर कारी जान मोहम्मद मुस्तफ़ी को नामज़द किया गया है। इसके अलावा 200 से भी अधिक लोगों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने कहा है कि स्थिति काबू में है।
तबरेज़ अंसारी, जिनकी हत्या के विरोध में झारखंड में प्रदर्शन हो रहे हैं। रांची में मुत्ताहिदा मुस्लिम महाज की ओर से आक्रोश सभा का आयोजन शुक्रवार 5 जुलाई को किया गया था। इस आक्रोश सभा तक तो सब ठीक रहा। सभा ख़त्म हुई। लोग अपने-अपने ठिकानों की ओर लौटने लगे। जैसे ही यहां से लौटते लोगों का जत्था राजेन्द्र चौक के पास से गुजरा तो लोगों ने वहां खड़ी बस पर पत्थर फेंके। पत्थर फेंकने में उन्हीं लोगों का नाम सामने आ रहा, जिन्होंने आक्रोश सभा में शिरकत की थी। इसके अलावा रांची एअरपोर्ट के पास भी कुछ लोगों की पिटाई हुई। अलग-अलग घटनाओं में 5 लोगों के घायल होने की खबर है।

रांची के सिटी एसपी हरिलाल चौहान ने बीबीसी को बताया है,
“उपद्रवियों की पहचान के लिए उपलब्ध वीडियो फुटेज और तस्वीरों को देखा जा रहा है। हम लोग सारे तथ्यों की पड़ताल कर रहे हैं।”घटना की सूचना देते हुए एसपी चौहान ने बताया,“मुत्तहिदा मुस्लिम महाज की आक्रोश सभा से लौटते लोगों ने एक बस पर पथराव कर दिया। माहौल थोड़ा ख़राब हुआ। पुलिस मौके पर पहुंची और माहौल को बिगड़ने से बचा लिया।”उन्होंने आगे बताया,“इसके बाद देर शाम 9.30 बजे इकरा मस्जिद के पास एक समूह ने ट्रैफिक जाम कर दिया। इस दौरान दो लोगों के साथ मारपीट की गयी। उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है। उनके बयान पर रिपोर्ट दर्ज की गयी है।”

वह बस जिस पर हमला किया गया
अब इस मामले में दो पक्ष सामने आ रहे हैं। रांची के पत्रकार बताते हैं कि हिन्दुओं के पास इस घटना का एक अलग संस्करण है, और मुस्लिम समुदाय के पास अलग। मामले का एक पक्ष ये है कि भीड़ आक्रोश सभा से लौट रही थी। एक बस थी। बस में छात्र बैठे हुए थे। भीड़ बस में चढ़ गयी। उन्होंने लोगों से उनका नाम पूछना शुरू किया। जो मुस्लिम थे, उन्हें बस से उतार दिया। तथा हिन्दू छात्रों से भरी बस पर पत्थर फेंकने लगे। लोग तो यह भी बता रहे हैं कि लोगों ने बस में छात्र समेत आग लगाने की भी कोशिश की, मगर बाकी लोगों ने उन्हें रोक दिया। दूसरा पक्ष क्या है? इसे झारखंड तनजीम से जुड़े शमशेर आलम ने मीडिया से बातचीत में बताया। उन्होंने कहा कि आक्रोश सभा से लोग लौट रहे थे। तभी बस में बैठे लोगों ने नारे लगाकर उन्हें उकसाना प्रारंभ कर दिया। इसके बाद गुस्से में लोगों ने बस में तोड़फोड़ शुरू की। बकौल शमशेर आलम, वे मौके पर पहुंचकर शान्ति स्थापित करने की कोशिश करने लगे।

रांची एयरपोर्ट पर तीन मुस्लिम युवकों के साथ हुई मारपीट
रांची एयरपोर्ट पर तीन लड़के तस्वीर खिंचाने गए हुए थे। तीनों का धर्म इस्लाम। वहां मौजूद दूसरे समुदाय के लोगों पर ऐसे आरोप लगाए गए हैं कि उन्होंने इन तीनों को गालियां दीं और “जय श्री राम” का नारा लगाने को कहा। कथित तौर पर हुई इस मारपीट में तीनों युवक जख्मी हुए हैं। घायल युवकों ने बताया है कि 25-30 लोगों का समूह हिंसा पर उतारू था।

पत्थर चलने के बाद बस के टूटे शीशे

रांची के एयरपोर्ट थाने पर इन तीन युवकों ने इस घटना की एफआईआर दर्ज कराई। एयरपोर्ट थाने के सब इन्स्पेक्टर बालेश्वर सिंह ने बताया,“आमिर वसीम, अल्ताफ, तथा अरीब अहमद ने 25-30 अज्ञात लोगों के खिलाफ मारपीट करने, गाली देने और धार्मिक भावनाएं आहत करने का मामला दर्ज करवाया है। अभी इस मामले की जांच चल रही है।”इस मामले में मीडिया में यह भी खबरें छपी हैं कि तीनों युवकों ने आरोप लगाया है कि एयरपोर्ट में मौजूद सीआइएसएफ ने भी उन्हें बचाने की कोशिश नहीं की। मगर एसपी हरिलाल चौहान ने इस घटना पर शंका ज़ाहिर की थी। मौजूदा समय में झारखंड के कई जिलों में धारा 144 लागू है। यहां के रामगढ़ से भी खबरें आ रही हैं कि मुस्लिम संगठनों ने धारा 144 का उल्लंघन करके बिना आज्ञा मॉब लिंचिंग के विरोध में प्रदर्शन किया है।