पुलिसकर्मी के खाली पड़े मकान में नाबालिगा से दुष्कर्म, तीन आरोपी अरेस्ट..!

नूंह में अनुसूचित जाति की 12 वर्षीय नाबालिग लड़की के साथ हुए सामूहिक दुष्कर्म मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान इमरान उर्फ ढक्कन, मूली उर्फ हाकम व रिजवान के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों को मंगलवार नूंह कस्बे से अरेस्ट किया। बुधवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। वहीं आरोपियों की बाइक व पीड़िता की साइकिल बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ पोक्सो एक्ट, एससी-एसटी एक्ट, अपहरण, जान से मारने की धमकी समेत अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है।
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दरअसल, रविवार सुबह लगभग 6 बजे साइकिल पर घर से पुरानी अनाजमंडी स्थित एक मकान में लस्सी लेने के लिए गई नाबालिग लड़की जब घर के लिए वापस लौट रही थी तो बाइक सवार दो लड़कों ने नाबालिग का अपहरण कर लिया। मुंह पर हाथ रख आंखों में कपड़ा बांधकर सड़क पर घुमाया। कई घंटे इधर-उधर घुमाते हुए शाम लगभग पांच बजे नूंह के चुहीमल तालाब समीप एक मकान में ले जाकर आरोपियों ने कई घंटे दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। रात करीब 9 बजे नाबालिग लड़की किसी तरह चंगुल से छूटकर अपने घर पहुंची और परिजनों को आपबीती बताई।
आरोपियों ने नाबालिग से दुष्कर्म की वारदात को एक पुलिसकर्मी के बंद पड़े मकान में अंजाम दिया। चुहीमल तालाब स्थित पुलिसकर्मी के मकान में कोई नहीं रहता। आरोपियों ने इसका लाभ उठाकर मकान में घुसकर नाबालिग लड़की को बंधक बनाकर दुष्कर्म किया। मंगलवार को डीएसपी इंद्रजीत व एसएचओ महेंद्र पुलिसबल के साथ वारदात स्थल की जांच करने पहुंचे।

पुलिस ने पीड़ित परिवार से कहा पहले तुम ढूंढो
नाबालिग लड़की के पिता की कई वर्ष पहले मौत हो गई जबकि मां दूसरी जगह चली गई। पीड़िता अपनी दादी के साथ रह रही है। सुबह लड़की जब लस्सी लेकर बहुत देर तक नहीं पहुंची तो परिजनों ने गुम होने की सुबह करीब 10 बजे पुलिस चौकी जाकर शिकायत दी। पीड़ित परिवार का आरोप है कि पुलिस को सूचना व शिकायत देने के बाद पुलिसकर्मियों ने आश्वासन देने के बजाए खुद ढूंढने की बात कहकर टरका दिया। पुलिसकर्मियों ने कहा कि पहले तुम ढूंढो हम बाद में ढूंढेंगे।

पुलिस की लापरवाही पीड़िता पर पड़ी भारी
आखिरकार पुलिस की लापरवाही पीड़िता के जीवन पर भारी पड़ गई। यदि स्थानीय पुलिस मामले को गंभीरता से लेती और तुरंत लड़की को ढूंढने की कोशिश करती तो मासूम दरिंदगी का शिकार होने से बच जाती, मगर पुलिस ने इस मामले को हलके में लिया। परिजनों के बार-बार गुहार लगाने के बाद पुलिस ने रविवार शाम करीब 5 बजे गुमशुदगी का मुकदमा दर्ज किया।