पुलिस की हैवानियत: थाने में भाभी से गैंगरेप, देवर की पीट-पीटकर ले ली जान, CI सहित 6 पुलिसकर्मियों पर केस..!

राजस्थान के चूरू जिले के सरदारशहर पुलिस थाने में चोरी के आरोपी युवक की मौत तथा मृतक की भाभी के थर्ड डिग्री टॉर्चर के बाद अब 6 पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज हुआ है। सीआईडी सीबी की एएसपी सीमा भारती द्वारा पीड़िता के पर्चा ब्यान लिए गए, जिनके आधार पर सरदारशहर थाने के तत्कालीन सीआई रणवीरसिंह सांई समेत पांच-छह अन्य पुलिसकर्मियों के खिलाफ गैंगरेप का मामला दर्ज किया गया है। सीआईडी (सीबी) के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सीमा भारती ने पीड़िता का जयपुर के एसएमएस हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से मेडिकल कराया है। फिर सीआईडी सीबी के सीआई एसडी संतरा मीणा की रिपोर्ट के आधार पर सरदारशहर पुलिस थाने में पुलिसकर्मियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।

तीन स्तर पर होगी जांच
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बता दें कि इस मामले की तीन स्तर पर जांच चल रही है। सरदारशहर एसीजेएम प्रियंकर सिहाग पुलिस थाने में चोरी के आरोपी की मौत की जांच कर रहे हैं, वहीं आईजी रैंक बीकानेर के एएसपी दीपक शर्मा मामले की विभागीय जांच कर रहे हैं। इसके अतिरिक्त सरदारशहर थाने में दर्ज हुए गैंगरेप के मामले की जांच सीआईडी (सीबी) की एएसपी सीमा भारती कर रही हैं। इधर, मामले में चूरू एसपी राजेन्द्र कुमार को एपीओ और सरदारशहर डीएसपी भंवरलाल मेघवाल को सस्पेंड कर दिया गया है। अब तक पूरे प्रकरण में 36 पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जा चुकी है।

पेट्रोल छिड़कने और करंट लगाने की धमकी
खबर के अनुसार पीड़िता ने पर्चा बयान में बताया कि पुलिस थाने में उसके साथ हैवानियत की सारी हदें पार की गई। सरदारशहर थानाधिकारी रणवीरसिंह सांई के इशारों पर पुलिसकर्मियों ने कथित चोरी के सामान रखने के सन्देह में पेट्रोल छिड़कने और करंट लगाने की धमकी देकर गैंगरेप किया।

पीड़िता ने यूं बयां की पीड़ा
4 जुलाई : पीड़िता ने बताया कि सुबह दस बजे पुलिस ने गीली लाठी से उसकी पिटाई की। उसके पैर व हाथ के नाखून पिलास से निकाल दिए। पीड़िता का कहना है कि जिस वक्त उसके देवर की पिटाई की जा रही थी। उस समय उसे ऑफिस में बैठाए रखा। शाम को एक घंटे उसकी पिटाई करने के पश्चात वापस ऑफिस में बैठा दिया। रात आठ बजे महिला को थाने में रखा और कुछ पुलिस वाले उसके घर गए तथा कमरों के ताले तोड़कर तलाशी ली। उससे कहा कि टूम के बारे में बताओ, नहीं तो उसके बच्चों को उल्टा लटका देंगे। रात12 बजे उसके घर से आकर पुलिसकर्मियों ने उसकी पिटाई की। 5 जुलाई: सुबह 6 बजे उठी। फिर हाथ पैर बांधकर लटका दिया और पिटाई शुरू कर दी। पिटाई के पश्चात उसे ऑफिस में बैठा देते और देवर की पिटाई करते। पुलिसकर्मी पीटते पीटते उससे टूम के बारे में पूछते रहे। उन्होंने कमरे में शराब पीकर उसकी पिटाई की।

सुबह से रात तक देवर की पिटाई की
6 जुलाई : सुबह 6 बजे उसे ऑफिस में बैठा दिया। उसके पश्चात सुबह से रात तक देवर की पिटाई की। रात को पुलिसकर्मी उसके कमरे में रस्सा लेकर आए। एक महिला कांस्टेबल ने कहा कि उसे मारो मत, फांसी मत लगाओ। कांस्टेबल गीता ने उसे बताया कि उसके देवर की मृत्यु हो चुकी है। देवर की मौत के बाद रात तीन बजे सरदारशहर से उसे भानीपुरा पुलिस थाने ले गए। अगले दिन सरदारशहर थाना लाए और देवर की अंत्येष्टि में ले गए।  7 जुलाई : शाम को महिला के पति ने उसे सरदारशहर के हॉस्पिटल में भर्ती करवाया, जहां से उसे चूरू रैफर कर दिया। दो दिन तक पुलिसकर्मियों ने उसे इधर-उधर रखा। जगह के बारे में पीड़िता नहीं जानती। 10 जुलाई : सादावर्दी में पुलिस वाले गाड़ी से रात दस बजे गांव छोड़ गए। अगले दिन रात 11 बजे उसके पति, दूसरे देवर व ननद ने उसे जयपुर के एसएमएस अस्पताल में भर्ती करवाया।