एसपी नहीं मिले तो नौजवान ने पेट्रोल डालकर लगा ली आग, ठसक में SP साहब एसी चैंबर से बाहर नहीं निकले...!

मध्यपप्रदेश के छतरपुर जिले में एसपी ने जब युवक की फरियाद नहीं सुनी तो उसने एसपी ऑफिस के बाहर ही पेट्रोल डालकर स्वयं को आग लगा ली। युवक इस दौरान नब्बे फीसदी से अधिक जल गया था। इलाज के दौरान अस्पताल में मंगलवार को कन्हैया अग्रवाल की मौत हो गई है। मगर युवक एसपी साहेब के दफ्तर के बाहर जिंदा जल गया, मगर साहब एसी चैंबर से बाहर निकलने की जहमत नहीं उठाई। दरअसल, गल्ला मंडी निवासी जीतू उर्फ कन्हैया अग्रवाल पर बाइक चोरी करने का आरोप था। उसके खिलाफ सिटी कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई थी। इसी को लेकर वह परेशान था और पुलिस को खुद के निर्दोष होने की बात कहकर बार-बार आवेदन लेकर घूम रहा था।
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जानकारी के अनुसार सरानी दरवाजा क्षेत्र में रहने वाले जीतू उर्फ कन्हैया अग्रवाल पर मोहल्ले के ही एक परिवार की बाइक चोरी करने का इल्जाम था। पुराने इलाहाबाद बैंक के पीछे रहने वाले पारस दुबे की बाइक कुछ दिन पहले चोरी हुई थी। रिपोर्ट उन्होंने सिटी कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी, मगर पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की। मोहल्ले के ही एक युवक पर चोरी का संदेह होने पर जब पारस के भतीजे अमन ने उससे पूछताछ की तो उसने जीतू उर्फ कन्हैया अग्रवाल का नाम बताया।

पहले से थे कई आरोप
कन्हैया पर पहले से ही कई चोरियों के आरोप थे। इस वजह से अमन ने उससे बाइक वापस करने के लिए कहा था। इधर कन्हैया का कहना था कि उसके पास कोई बाइक नहीं है और न ही उसने चोरी की है।

एसपी से गया मिलने

इस बीच शनिवार को कन्हैया आवेदन देने एसपी ऑफिस गया था। एसपी के नहीं मिलने पर कन्हैया सोमवार को फिर से एसपी ऑफिस पहुंच गया। वह अपने साथ पेट्रोल भी ले गया था। बताया जा रहा है कि जैसे ही उसने एसपी तिलक सिंह को आवेदन देना चाहा तो एसपी ने उसे शाम चार बजे आने के लिए कहा। इस पर जीतू गुस्सा हो गया। आवेदन एसपी ऑफिस में ही फेंककर वह बाहर आया और अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेल लिया।

सिपाही कंबल डालकर बुझाने लगे
ये घटना इतनी जल्दी घटी कि जीतू को जलते देख लोग कुछ समझ नहीं पाए। एसपी ऑफिस में तैनात सिपाही कंबल लेकर आग बुझाने दौड़े। आग जब तक बुझती, इससे पहले ही कन्हैया नब्बे फीसदी जल चुका था। उसे फौरन ऑटो से अस्पताल ले जाया गया। जहां मंगलवार को उसकी मौत हो गई।

युवक का आरोप

युवक कन्हैया अग्रवाल का आरोप था कि उसे मोहल्ले के ही अमन महाराज चोरी की बाइक वापस करने के लिए बार-बार परेशान और मारपीट कर रहे थे। जबकि बाइक उसने चुराई नहीं थी। इसलिए वह शनिवार को एसपी ऑफिस गया था तथा शिकायत दी थी। युवक की मां भी कोतवाली गई थी, लेकिन पुलिस ने उसे भी डांटकर भगा दिया था।

ऑफिस के अंदर ही बैठे रहे एसपी
जिस वक्त युवक आग लगाकर जीवन-मौत से संघर्ष कर रहा था, उस समय एसपी तिलक सिंह ऑफिस में ही थे। घटना की जानकारी लगने के बाद भी वे ऑफिस से नहीं निकले। कुछ देर बाद ऑफिस से चले गए।

क्या कहा एसपी ने

एसपी तिलक सिंह ने कहा कि पीड़ित एवं उसके परिवार ने न तो मेरे कार्यालय में और न ही कोतवाली में कोई शिकायत दी थी। बहरहाल बयानों के आधार पर आरोपी के विरूद्ध मुकदमा कायम किया गया है। पुलिस उसे जल्द गिरफ्तार करेगी। वहीं, सीएचपी छतरपुर उमेशचंद्र शुक्ला ने कहा कि कन्हैया अग्रवाल ने एसपी ऑफिस में एकाएक पेट्रोल डालकर खुद को आग लगा ली, इस कारण वह 90 फीसदी से अधिक जल गया था। उसने अमन दुबे के खिलाफ मारपीट कर प्रताड़ित करने के बयान दिए हैं। इस पर पुलिस ने अमन दुबे के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

परिवार ने छोड़ दिया था घर
कन्हैया की मां और भाई अमित ने जिला हॉस्पिटल पहुंचकर आरोप लगाया कि अमन दुबे और उसके पिता किस्सू कन्हैया को लगातार प्रताड़ित कर रहे थे। अमित के साथ भी मारपीट की और निरन्तर बाइक देने के लिए मारपीट करते थे। इस कारण से दहशत के चलते परिवार ने घर छोड़ दिया था। कोतवाली जाने पर पुलिस ने वहां से खदेड़कर भगा दिया था। उसकी कोई सुनने को तैयार नहीं था।