चाय बेचते हैं लेकिन अभी तक कर चुके हैं 23 देशों की यात्रा, जानिए कैसे..

दुनिया में लोग अपने अलग कामों के कारण पहचाने जाते हैं। कोई खेल में अपना नाम कमाता है, कोई अभिनय में, कोई किसी काम में माहिर होता है तो कोई किसी काम में अव्वल होता है। मगर आज हम जिनकी कहानी आपको बताने जा रहे हैं वो एक बुजुर्ग दंपत्ति की कहानी है जिनका प्यार शादी के इतने सालों के बाद भी बना हुआ है। बिल्कुल अनोखी है इस चाय बेचने वाले कपल की कहानी, जिस उम्र में लोग घर पर भगवान का नाम लेते हैं उसी उम्र में ये पति-पत्नी अलग-अलग देशों का भ्रमण कर रहे हैं। ये बहुत ही अनोखी दास्तां है लेकिन इसके बारे में आपको जरूर जाननी चाहिए।

बिल्कुल अनोखी है चाय बेचने वाले इस कपल की कहानी
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कई बार इंस्टाग्राम पर आपने ट्रैवल गोल्स कपल्स के हैशटैग देखो होंगे तो कई जोड़ों की ट्रैवेल स्टोरी भी सुनी होगी लेकिन क्या आप बैंगलुरू के विजयन और मोहाना के बारे में जानते हैं ? ये किसी इंस्टाग्राम के हैशटैग के मोहताज नहीं है। ये दंपत्ति सीनियर सिटिजन है लेकिन इनकी जिंदादिली में कोई भी कमी नहीं है। चाय बेचने वाले इस जोड़े ने अब तक 23 देशों सैर की है। कुछ मसय पहले विजयन और मोहना की एक वीडियो वायरल हुई और इसका कारण वर्ल्ड फेमस ट्रैवलर Drew Binskey ने इनका इंटरव्यू लिया। इसके बाद आनंद महिंद्रा ने इस जोड़े को ट्वीट करते हुए इनका वीडियो भी जारी किया।

एक रिपोर्ट के मुताबिक, विजयन अपने घर से अनाज चुराकर बेचते थे जिससे वे ट्रैवेल कर सकें। उनकी शादी हुई तो वे घूमने के साथ ही बीवी से भी उतना ही प्यार करने लगे थे। फिर बीवी को भी घुमाने का प्रण लिया। विजयन ने एक टी स्टॉल लगाना शुरु किया और धीरे-धीरे वे फेमस हो गए और एक छोटी सी दुकान खोल ली जिसमें हर दिन 300 की कमाई होती थी। ट्रैवेल करने के लिए प्लानिंग करने लगे और इसके बाद बैंक से लोन लिया और बीवी को घुमाने निकल पड़े। फिर वापस आकर लोन चुका दिया और फिर घूमने की प्लानिंग करने लगते थे।

जवानी के सालों से ही बेच रहे हैं चाय
ये कपल साल 1963 से चाय बेच रहा है और एक साल अगर ये घूमने में बिताते हैं तो 2 साल बैंक का लोन चुकाने में निकाल देते हैं। इनकी जिंदगी बस ऐसे ही कट रही है और इनकी दुकान श्री बालाजी कॉफी हाउस में परिवर्तित हो गई है उसमें ना केवल लोकल टूरिस्ट आते हैं बल्कि विदेशी लोग भी विजिट करते हैं। इन दोनों को ढूंढते हुए विदेश से लोग इनके पास आते हैं और चाय की चुस्कियां लेते हैं। अगर बात इनके ट्रैवेल प्लानिंग की करें तो ये ट्रैवल डेस्टिनेसन ट्रैवेल पोर्टल की मदद लेते हैं और उन्हें ऐसे में कई परेशनियों का सामना करना पड़ता है। एक तो इनका बजट मेन होता है तो दूसरा उन्हें भाषा और कल्चर की समस्या भी होने लगती है। विजयन कहते हैं कि युवाओं को कई भाषाएं भी सीखनी चाहिए जिससे उन्हें किसी चीज की समस्या नहीं हो।