एकसाथ उठी बहन की डोली और भाई की अर्थी, गम में डूबा हर बाराती, जानें ऐसा क्या हुआ

दरअसल, ये घटना पानापुर के रसौली गाँव की है. जहाँ बुधवार की रात में संदीप नामक युवक की बहन स्वीटी की शादी धूम-धाम से की गई. सुबह विदाई से पहले संदीप को कुछ सामान लेने घर से बाहर निकलना पड़ा. लेकिन बदकिस्मती से वह एक सड़क दुर्घटना का शिकार हो गया. एक्सीडेंट इतना गंभीर था कि जब लोगों ने संदीप को अस्पताल पहुँचाया, तब तक वह दम तोड़ चुका था.
loading...
वहीँ दूसरी और घरवाले और बाराती इस बात से बेखबर विदाई की रस्मों में उलझे हुए थे. जब विदाई के लिए स्वीटी पति के साथ घर जाने के लिए बाहर निकलने लगी, तभी दरवाजे पर एम्बुलेंस संदीप की डेडबॉडी ले कर पहुँच गई. हालांकि, शायद विदाई के वक्त बहन को इसकी जानकारी नहीं दी गई. कहते हैं मौत कभी भी बता कर नहीं आती और ना ही यह आते समय कोई शुभ या अशुभ घड़ी देखती है. 
लेकिन कभी कभी हम मनुष्य अपनी खुशियों में इस कदर उलझे होते हैं कि मौत हमारे पास आकर खड़ी हो जाती है और हम उस्ससे अनजान रहते हैं. कुछ ऐसा ही संदीप के साथ भी हुआ. जोकि बहन की शादी में घर परिवार की जिम्मेदारियां सम्भालने में लगा हुआ था और मौत उसको सबसे छीन कर दूर ले गई. बता दें कि दुल्हन स्वीटी तीन भाई-बहनों में से सबसे बड़ी है जबकि संदीप के इलावा उसका एक छोटा भाई सुमन कुमार सिंह है. मिली जानकारी के अनुसार स्वीटी के घर के दरवाजे पर बरात बसंतपुर थाणे के सिपाह गाँव से आई थी. जबकि संदीप पश्चिम बंगाल की एक प्राइवेट कंपनी में नुकरी करता था. 
बुधवार की रात को जहां बहन स्वीटी की शादी बसंतपुर थानाक्षेत्र के संदीप कुमार से हुई वहीं सुबह उसके भाई की मौत की खबर आई. जहाँ एक और बेटी को ख़ुशी खुस्शी विदा किया गया, वहीँ दूसरी और जवान बेटे की मौत ने घर वालों को आंसू भेंट कर दिए. शादी की खुशियों से भरा से गाँव इस बहन भाई की कहानी से हैरान है. हर कोई संदीप के घरवालों की हिम्मत बाँधने का प्रयास कर रहा है लेकिन संदीप के घरवालों का रो-रो कर बुरा हाल हो चुका है.