दुल्हन के वरमाला पहनाते ही दुल्हे ने तोड दिया दम, विडियो देख आप भी सन्न रह जाएंगे

शादी एक ऐसा बंधन है, जिससे दो अजनबी लोग आपस में जन्मों- जन्मों के लिए बंध जाते हैं. शादी के दिन में हर लड़का और लड़की दो जिस्म एक जान बन जाते हैं. ऐसे में शादी को लेकर हर लड़की और लडके के मन में ढेरों सवाल और सपने जन्म लेते हैं. शादी वाले दिन दोनों जनों की नई ज़िन्दगी की शुरुआत होती है. इस दिन भले लड़का हो या लडकी, हर कोई सबसे अच्छा दिखना चाहता है ताकि ये ख़ास दिन उनकी यादों में हमेशा के लिए बस जाये. रिश्ता पक्का होने से शादी तक के दिनों में लड़का और लड़की अपने खान पान और कपड़ों का ख़ास ख्याल रखते हैं. क्यूंकि हर लड़का और लड़की शादी के दिन सबका ध्यान अपनी तरफ आकर्षित करना चाहते हैं इसलिए खुद को फिट और सुंदर बनाने में हर सम्भव प्रयास करते हैं.
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शादी के शुभ दिन में दोनों परिवार एक साथ इक्कठे होकर खुशियाँ मना रहे होते हैं. लेकिन इन खुशियों को किसी की नजर जाए तो ये कितने दुर्भाग्य की बात होगी. दरअसल, कुछ ऐसा ही अजीबो गरीब मामला हाल ही में हमारे सामने आया है. जहाँ शादी वाले दिन ही दुल्हे के साथ कुछ ऐसा हुआ जो किसी ने सपने में भी नहीं सोचा था. चलिए जानते हैं आखिर ये पूरा मामला क्या था…
दरअसल, ये पूरी घटना पंजाब के परवाना शहर की है. यही के निवासी वरिंदर खेड़ा के 28 वर्षीय बेटे सौरभ की शादी 29 दिसम्बर 2017 को थी. शादी के इस दिन को लेकर पूरा परिवार काफी उत्सुक था. इसी बीच फंक्शन की शुरुआत बैंड बाजे और नाच-गाने से की गई थी. जानकारी के अनुसार शादी का कार्यक्रम मोगा-फिरोजपुर रोड पर स्तिथ एक पैलेस में था. जिसमे दोनों परिवार काफी खुश नजर आ रहे थे. परन्तु भगवान को कुछ और ही मंजूर था.

मिली जानकारी के अनुसार जब 12 बजे जयमाला की रस्म के लिए दुल्हन को स्टेज पर बुलाया गया और उसने वरमाला सौरभ के गले में डाली तो, अचानक सौरभ पीछे की तरफ बेहोश होकर गिर पड़ा. जिसके बाद पूरे पलके में अफरा-तफरी मच गई. दुल्हे के अचानक बेहोश होने से पूरे पैलेस में सन्नाटा छा गया.
जयमाला के वक्त अचानक दुल्हे के गिरने से बारातियों ने लगभग 15 मिनट तक उसको उठाने का प्रयास किया और पानी पिलाना चाहा. लेकिन, जब सौरभ होश में नहीं आया तो उसको तुरंत अस्पताल लेजाया गया. वहां के डॉक्टर्स ने सौरभ को मृत घोषित कर दिया. डॉक्टर्स के अनुसार सौरभ को वरमाला डालते वक्त हार्ट अटैक आ गया था जिसके कारण उसकी मौत मौके पर ही हो गई थी.
परिवार वाले अपने बेटे की मृत्यु को स्वीकार नहीं कर पा रहे थे. जिसके बाद वह उसकी लाश को लुधियाना के एक अस्पताल ले गये. जानकारी के अनुसार सौरभ के घरवालों को उम्मीद थी कि उनका बेटा अभी भी जिन्दा है. परंतु, लुधियाना के डॉक्टर्स ने भी सौरभ को मृत करार दिया. जिसके बाद पूरा परिवार टूट गया. आपकी जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि सौरभ अपने परिवार वालों का इकलौता बेटा था और मोबाइल अथवा स्टेशनरी की दूकान चलाता था. 

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