बेटे, बहू को मिलाने के लिए 70 साल की बूढी माँ अकेले लड़ रही समाज और कानून से जंग

अक्सर कहा जाता है कि पुलिस और समाज दोनों लोगों की भलाई के लिए हैं। जहाँ पुलिस का काम लोगों को के साथ अन्याय ना हो इसको देखना होता है, वहीँ समाज का काम किसी व्यक्ति को उचित माहौल प्रदान करने का है। लेकिन जब ये दोनों की किसी के लिए दुश्मन बन जाएँ तो फिर क्या होगा। ऐसा ही कुछ हुआ है एक 70 साल की बूढी माँ के साथ। 70 साल की यह महिला अपने बहू और बेटे को मिलाने के लिए जमाने से अकेले ही जंग लड़ रही है।

दोनों ने घर से भागकर कर ली आर्यसमाज मंदिर में शादी
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उसके राह में समाज के साथ ही कानून की कई अड़चने भी आ रही हैं। लेकिन बहू और बेटे को मिलाने के लिए इस बूढी महिला ने पहले ही संकल्प कर लिया है। इसने ठान किया है कि राह में कितनी भी दिक्कत क्यों ना आ जाये, वह झुकेगी नहीं। दरअसल हमीरपुर जिले के सुमेरपुर थाना क्षेत्र चंद्पुरवा के रहने वाले प्रमोद की बेटी रेखा बीते 5 जून 2017 को अपने प्रेमी धर्मराज के साथ भाग गयी थी। दोनों ने 3 दिन बाद यानी 8 जून 2017 को इलाहबाद आर्य समाज मंदिर में शादी कर लिया था।

रेखा के परिवार वालों ने दर्ज करवा दिया अपहरण का मुकदमा
आपकी जानकारी के लिए बता दें धर्मराज रेखा के भाई का दोस्त था और उसी के साथ ही दिल्ली में नौकरी भी करता था। हमीरपुर के मुस्करा थाना क्षेत्र का रहने वाला धर्मराज दो साल पहले अपने दोस्त के साथ उसके घर आया हुआ था। उसी दौरान उसकी मुलाकात अपने दोस्त की बहन रेखा से हुई थी। पहले दोनों में बातचीत हुई फिर यह बातचीत दोस्ती में बदली और फिर दोनों में प्यार हो गया। इसके बाद दोनों ने घर से भागकर आर्यसमाज मंदिर में शादी कर ली। इस शादी से धर्मराज के परिवार वालों को कोई ऐतराज नहीं था, लेकिन रेखा के परिवार वालों ने धर्मराज के खिलाफ अपहरण का मुकदमा दर्ज करवा दिया।

माँ के पास रेखा को छोड़कर धर्मराज हो गया फरार
रेखा के परिजनों ने अपनी तहरीर में लिखा कि रेखा अभी नाबालिग है। इसके बाद पुलिस धर्मराज की खोज में लग गयी। पुलिस से परेशान धर्मराज ने 23 जून 2017 को इलाहबाद हाईकोर्ट में अपनी शादी को क़ानूनी मान्यता देने के लिए अर्जी दी। इसके बाद कोर्ट ने रेखा के बालिग होने का प्रमाण माँगा। इसके बाद पुलिस ने धर्मराज को और परेशान करना शुरू कर दिया। इस वजह से धर्मराज ने रेखा को अपनी माँ के पास छोड़ दिया, और फरार हो गया। तब से बेटे और बहू को बचाने के लिए 70 साल की बूढी माँ कानून और समाज के गुस्से से बचाने के लिए ढाल बनकर खड़ी है।