घूस लेते रंगे हाथ पकड़े गए 'बड़े साहब', जानिए उसके बाद क्या हुआ

मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. हरिओम श्रीवास्तव को घूस लेते विजिलेंस टीम ने रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। विजिलेंस टीम ने शुक्रवार की शाम सीएमओ को उनके आवास से गिरफ्तार किया। डॉ. श्रीवास्तव पर उनके अधीन एक चिकित्सक डॉ. वीपी सरोज ने संबद्धता समाप्त करने के लिए 40 हजार रुपये घूस लेने का आरोप लगाया है।
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शुक्रवार की शाम डॉ. सरोज के साथ विजिलेंस टीम भी सीएमओ आवास पहुंची थी। डॉ. सरोज ने जैसे ही रुपये सीएमओ दिए वैसे ही विजिलेंस टीम ने उन्हें हिरासत में ले लिया। कोतवाली नगर में लाकर सीएमओ से पूछताछ की जा रही है। सूत्रों की मानें तो सीएमओ ने पूछताछ में बताया है कि उन्होंने रुपये नहीं लिए बल्कि चिकित्सक ने जबर्दस्ती उनके सामने रुपये निकाल कर रख दिए। फिलहाल विजिलेंस टीम सीएमओ व शिकायतकर्ता दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर रही है।
जिलाधिकारी अनुज झा व एसएसपी आशीष तिवारी ने भी कोतवाली पहुंच प्रकरण के बारे में पूरी जानकारी हासिल की। डीएम व एसएसपी की मौजूदगी में सीएमओ व शिकायतकर्ता से पूछताछ जारी है। सीएमओ के हिरासत में लिए जाने की सूचना पाकर बड़ी संख्या में चिकित्सक व स्वास्थ्यकर्मी भी कोतवाली नगर पहुंच चुके हैं। एसपी विजिलेंस अखिलेश कुमार निगम का कहना है कि डॉ. सरोज प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र रानीबाजार में तैनात थे। जून महीने में सीएमओ ने उन्हें शाहगंज स्वास्थ्य केंद्र से भी संबद्ध कर दिया था। सप्ताह में तीन दिन उन्हें शाहगंज व तीन दिन रानीबाजार जाना पड़ता था। 
दूरी ज्यादा होने की वजह से डॉ. सरोज अपनी संबद्धता समाप्त कराना चाहते थे, जिसके लिए उन्होंने कई बार सीएमओ से कहा। आरोप है कि संबद्धता समाप्त करने के लिए सीएमओ ने 40 हजार रुपये की मांग की। इसकी शिकायत डॉ. सरोज ने इसी माह विजिलेंस महकमे से की। विजिलेंस ने जांच कराई तो सीएमओ की छवि खराब पाई गई। 
शुक्रवार को तय हुई घूस की रकम में से 20 हजार रुपये लेकर डॉ. सरोज सीएमओ से मिलने उनके आवास पहुंचे। रुपये लेते ही विजिलेंस टीम ने उन्हें हिरासत में  ले लिया। कोतवाली नगर में विजिलेंस टीम सीएमओ के खिलाफ विधिक कार्रवाई करवा रही है।