कफन भी नसीब नहीं हुआ मेरी बेटी को, उन लोगों ने उसका ऐसा अंत कर दिया

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मेरी लड़की हरप्रीत कौर को ससुराल परिवार ने सल्फास खिलाकर मार दिया था, जिसके इंसाफ के लिए मैं थाना दाखा के कई चक्कर काट चुका हूं पर मेरी सुनवाई नहीं हो रही। अब मेरी मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग, डी.जी.पी. पंजाब व मुख्यमंत्री पंजाब को प्रार्थना की है कि मेरी लड़की के साथ हुई बेइंसाफी का इंसाफ मुझे दिलाया जाए। ये शब्द प्रितपाल सिंह पुत्र तेजा सिंह गांव गिल ने इंसाफ की गुहार लगाते हुए पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहे। उसने कहा कि उसकी लड़की हरप्रीत कौर जब 6 साल की थी तो उसकी मां की मौत हो गई थी। 
बड़ी होने पर हरप्रीत उसके भाई सुखदेव सिंह गांव शंकर के पास रह रही थी और उन्होंने ही उसकी शादी 11-12 साल पहले गांव दाखा के बंटी पुत्र रमेश कुमार के साथ की थी जिस के 2 बच्चे भी थे। पिछले 4-5 माह से लड़की का अपने पति से झगड़ा रहता था जिसे लेकर लड़की की सास परमजीत कौर, देवर अजय व ससुर रमेश कुमार बंटी से मिल कर उससे हमेशा मारपीट करते थे। वे हरप्रीत पर नाजायज संबंधों के झूठे आरोप लगाते थे। 19 अगस्त 2019 को मुझे बंटी का फोन आया कि हरप्रीत कौर बीमार हो गई है जिसे अस्पताल लेकर चले हैं। जब वह रघुनाथ अस्पताल पहुंचा तो हरप्रीत की मौत हो चुकी थी। गांव दाखा में पहुंचते ही एक घंटे में अन्दर बिना कफन डाले उसका अंतिम संस्कार कर दिया जब कि मैं शोर मचाते रह गया कि मेरा लड़का जेल में है, उसको आने दो। 
मेरे भाई व रिश्तेदार का इंतजार कर लो पर मेरी एक न सुनी। अगले दिन बेटी के गांववासियों से पता चला कि मेरी बेटी को सल्फास खिला कर मारा है। इस संबंधी पता करने के लिए मैं उस अस्पताल में गया जहां मेरी लड़की को इलाज के लिए ले कर गए थे। वहां नर्स ने बताया कि लड़की ने सल्फास खाई है और उसके पास से सल्फास की बदबू आ रही थी। 23 अगस्त 2019 को थाना दाखा में शिकायत दी कि मांले की जांच करवाकर मुझे इंसाफ दिलवाया जाए पर एक महीना बीतने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। डी.एस.पी. गुरबंस सिंह बैंस ने बताया कि पहले यह मामला मेरे ध्यान में नहीं था, अब आया है। मृतका के पिता को पूरा इंसाफ दिलवाया जाएगा।