जिस गांव में दलित सांसद को घुसने नहीं दिया गया था, अब वही हुआ ऐसा स्वागत की चौक गए सब

अभी हाल ही में कर्नाटक के चित्रदुर्गा में स्थित गोलारहट्टी गांव में लोगों ने अपनी ही सांसद ए नारायणस्वामी को एंट्री नहीं दी थी। सांसद के दलित होने के कारण उनके साथ यह घटना हुई की उन्हें अपने ही इलाके के गांव में घुसने की इज़ाज़त नहीं मिल सकी। इस घटना के करीब एक हफ्ते बाद ही गांव के लोगों ने अपने उसी दलित सांसद का जबर्दस्त स्वागत किया। इस मौके पर ‘मठाधीशरा सम्रस्यदा’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें सांसद के साथ पिछड़ा एवं दलित समुदाय भी था।
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इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक यहां एक जनसभा को संबोधित करते हुए बीजेपी सांसद ने कहा, ’16 सितंबर को किसी ग्रामीण ने मेरे साथ दुर्व्यवहार नहीं किया। कुछ स्थानीय लोग मेरे पास आए और उन्होंने मुझे समझाया कि कैसे गांव में परंपरा का निर्वहन किया जाता है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं यहां दूसरी बार यह सुनिश्चित करने आया हूं कि लंबे समय से जनकल्याण के जो काम अधूरे पड़े हैं उन्हें विकास की राह में प्राथमिकता से पूरा किए जाएगा।’ केले के पेड़ों से घिरे इस गांव में लोगों ने सांसद को माला पहनाकर और फूलों की बारिश कर उनका स्वागत किया। 
सांसद ने कहा, ‘गोलारहट्टी में कुछ पुराने लोग जरूर अपनी-अपनी मान्यताओं के फेर में उलझे हैं लेकिन यहां के पढ़े-लिखे लोग ध्यान रखते हैं कि इस तरह की घटनाएं न दोहराई जाए।’ गौरतलब है कि सांसद ने अपने दौरे पर गांव में 19 परिवारों को एलपीजी सिलेंडर सौंपे। इसके अलावा उन्होंने ड्रेनेज सिस्टम समेत कई विकास कार्यों का जायजा लिया। सांसद ने अपने दौरे पर नया ऐलान करते हुए कहा, ‘गांव वालों के लिए पीने का साफ पानी उपलब्ध कराने के लिए एक आरओ प्लांट भी लगाया जाएगा। 
केंद्र सरकार की योजना के तहत मिलने वाले फंड से जल्द ही विकास कार्य किए जाएंगे।’ एक ग्रामीण ने कहा, ‘सांसद को हमारी समस्याओं का हल ढूंढते देख अच्छा लगा।’ वहीं सांसद के साथ हफ्तेभर पहले हुए दुर्व्यवहार को लेकर ग्रामीणों ने कहा कि मूलभूत सुविधाओं से वंचित और सूखे से पीड़ित रहे गांव के लोगों में गुस्सा था। दलित सांसद द्वारा गांव को मुहैया करवाई गई सेवाओं के कारण गांव वाले काफी खुश है जिसकी वजह से उन्हें अपने गलती का अहसास हुए और भविष्य में ऐसे घटना दोबारा न हो इसका अश्वासन भी दिया।