क्या थे रावण के वो 7 अधूरे सपने, जो पूरी दुनिया को चौंका कर रख देते, जानिए...

भारतीय संस्कृति में दशहरे का बहुत अधिक महत्व है, नवरात्रि के 9 दिनों के बाद शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को इसका आयोजन किया जाता है। भगवान राम ने इसी दिन रावण का वध किया था, और देवी दुर्गा ने नवरात्र और 10 दिनों के युद्ध के बाद इसी दिन महिषासुर नाम के राक्षस पर विजय प्राप्त की थी। इस तरह दोनों ही रूपों में यह शक्ति पूजा का पर्व है|
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रावण महापंडित ज्ञानी था। उसने अपने बल से देवताओं को भी पराजित कर दिया था, लेकिन रावण से भूल हो गई थी, वह अपने बल और ज्ञान के अहंकार में खुद को ही भगवान मान बैठा था। और भगवान के बनाए नियमों में बदलाव करना चाहता था। अगर रावण कुछ साल और जीवित रहता तो अपने 7 अधूरे कामों को पूरा करके दुनिया का स्वरूप ही बदल देता, तो आइए जानते हैं। रावण के वह 7 अधूरे काम क्या है।
1. रावण का सबसे पहला सपना यह था, कि वह धरती से स्वर्ग तक एक सीढ़ी का निर्माण करें। वह चाहता था कि हर व्यक्ति स्वर्ग में जाए इसलिए रावण ने धरती से लेकर स्वर्ग तक सीढ़ियां बनाने का काम शुरू कर दिया था। लेकिन जब यह सीढ़ियां बनकर तैयार होती भगवान राम ने रावण का वध कर दिया था।
2. रावण का दूसरा सपना था समुद्र के पानी को मीठा करना, रावण को पता था कि पृथ्वी पर पीने का पानी कम है। अगर समुद्र का पानी मीठा हो जाए तो पीने की पानी की समस्या हमेशा के लिए खत्म हो जाएगी।
3. रावण का तीसरा अधूरा काम सोने से मैं सुगंध भरना था, इसकी वजह यह थी कि रावण सोने का शौकीन था। और उसने अपने पूरी नगरी भी सोने की बनाई थी, रावण चाहता था कि सोने में सुगंध आ जाए। ताकि उसे कहीं भी सुगंध से जान लिया जाए ऐसा करने से सोना की तलाश भी आसानी हो जाती।
4. रावण का चौथा सपना था रंगभेद को खत्म करना, रावण स्वयं काला था इसलिए वह चाहता था, कि सभी लोग गोरे दिखे और कोई किसी भी सांवले रंग को लेकर मजाक ना बनाएं।

5. रावण का पांचवा सपना था खून के रंग को सफेद करना, रावण ऐसा इसलिए करना चाहता था। ताकि उसके द्वारा किए जाने वाली हत्या का पता किसी को ना चले।

6. रावण अगर कुछ दिन और जीवित रहता तो वह अपना छठा सपना भी पूरा कर लेता, वह मदिरा को गंधहीन बनाना चाहता था। जिससे सभी लोग मदिरापान का आनंद ले सके।

7. रावण का सातवां और आखिरी सपना यह था कि संसार में भगवान की पूजा बंद हो जाए और लोग उसकी पूजा करें। लेकिन रावण का यह सपना उसके साथ ही जलकर खाक हो गया।