गुमशुदा लड़की मिली हाथ-पैर, मुंह बंधी अवस्था में, फैल गई सनसनी

बड़वानी जिला के राजपुर में पांच दिन पूर्व गुमशुदा छात्रा मंगलवार सुबह हाथ-पैर और मुंह बंधी अवस्था में बेहोश मिलने से सनसनी फैल गई। राजपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत पलसूद रोड पर नरावला फाटे के पास लोगों ने छात्रा को देखा तो पुलिस को सूचना दी। छात्रा पांच दिन पूर्व जुलवानिया से कक्षा 12वीं की त्रैमासिक परीक्षा के लिए राजपुर के लिए निकली थी। इस मामले में छात्रा फिलहाल कुछ बता नहीं पा रही है। वहीं, छात्रा के पति ने आरोप लगाया कि छात्रा का अहपरण किया गया था। इस मामले में उसे फोन पर धमकी भी मिली थी। जुलवानिया पुलिस को सारी बात बताने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हुई।
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जुलवानिया निवासी 21 वर्षीय छात्रा राजपुर कन्या हायर सेकंडरी शाला में कक्षा 12वीं की नियमित छात्रा है। 25 सितंबर को वो त्रैमासिक परीक्षा के लिए दोपहर 12.30 बजे घर से राजपुर जाने के लिए निकली थी। शाम तक भी छात्रा घर नहीं पहुंची तो उसके पति ने जुलवानिया थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी। छात्रा के पति का कहना है कि 25 सितंबर को ही उसके मोबाइल पर किसी व्यक्ति का धमकी भरा फोन आया था कि अब उसे ढूंढने की कोशिश मत करना। इस मामले में छात्रा के पति ने पुलिस को भी सूचना दी थी। इसके बाद भी पुलिस ने छात्रा को तलाश करने का कोई प्रयास नहीं किया।

मेडिकल के लिए भेजा गया जिला अस्पताल
मंगलवार सुबह छात्रा राजपुर के पास पलसूद रोड पर बेहोश अवस्था में मिली। छात्रा के हाथ और पैर किसी कपड़े को फाड़कर रस्सी बनाकर बांधे गए थे। उसके मुंह को भी कपड़े से बुरी तरह से बांधा गया था। ग्रामीणों ने उसे देखकर तुरंत पुलिस को सूचना दी और 108 की मदद से राजपुर अस्पताल लाए। यहां डॉ. देवेंद्र रोमाड़े द्वारा छात्रा की जांच के बाद उसे मेडिकल के लिए जिला अस्पताल बड़वानी रेफर किया गया। दोपहर तक भी न तो छात्रा के बयान हो पाए, न ही उसका मेडिकल हुआ। यहां पहुंचे भाजपा नेता अंतर पटेल, अजय यादव ने आरोप लगाया कि पुलिस द्वारा मामले में लापरवाही बरती जा रही है। छात्रा का मेडिकल भी नहीं कराया जा रहा है। जबकि उसके साथ कुछ बुरा होने की आशंका उसका पति और भाई पुलिस के सामने कर चुके हैं। 

छात्रा कुछ बोलने को तैयार नहीं
छात्रा की गुमशुदगी के मामले में परिजनों द्वारा अपहरण और दुष्कर्म की आशंका जताई जा रही है। जबकि छात्रा इस मामले में कुछ भी बता पाने में असमर्थ है। छात्रा का कहना है कि उसे कुछ भी याद नहीं। वो स्कूल जाने के लिए बस में बैठी थी। उसके बाद क्या हुआ उसे कुछ पता नहीं, पांच दिन वो कहा रही, किसने उसे बांधकर फेंका इस मामले में उसने परिजनों को कुछ भी नहीं बताया। पुलिस भी प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध मान रही है। मामले में छात्रा के बयान धारा 164 के तहत तहसीलदार द्वारा दर्ज किए जाएंगे। इसके बाद भी छात्रा के साथ क्या हुआ था, ये स्पष्ट हो पाएगा।